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Madhya Pradesh में बिजली संकट से मंत्री खफा, बोले- माहौल खराब हो रहा है


Madhya Pradesh News : बिजली की अघोषित कटौती, आंधी- तूफान से बत्ती गुल होने का मुद्दा सोमवार को कैबिनेट में भी गरमाया।
बिजली की अघोषित कटौती, आंधी- तूफान से बत्ती गुल होने का मुद्दा सोमवार को कैबिनेट में भी गरमाया। पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि बिजली संकट से माहौल खराब हो रहा है। रखरखाव के नाम पर दिन-दिनभर बिजली काटी जा रही है, इसे दिखवाएं। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के नाम पर भाजपा ने मेंटेनेंस का काम ही नहीं करने दिया और फिर लोकसभा चुनाव आ गए। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिकवाशिकायत पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रचार से ज्यादा दुष्प्रचार प्रभावी हो रहा है। शिवराज सिंह चौहान और गोपाल भार्गव बार-बार मुद्दा उठा रहे हैं। वहीं, ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की तुलना में कटौती कम हो रही है। इसे हम और कम करने का प्रयास करेंगे।
कैबिनेट में उठा बिजली कटौती का मुद्दा
मुख्यमंत्री कमलनाथ : बिजली की शिकायतों से खफा, बोलेप्रचार से ज्यादा दुष्प्रचार।
जीतू पटवारी : बिजली संकट भाजपा की देन, मेंटेनेंस ही नहीं कराया।
तुलसी सिलावट : बोले-भाजपा के समय गांवों में ट्रांसफॉर्मर ही नहीं लगे थे, अब लगे हैं तो पता लग रहा है।
डॉ. गोविंद सिंह : बोले- खरीदे गए थे घटिया उपकरण, इसलिए आ रही है समस्या।
पीसी शर्मा : बिल में लिखा जाए कि 100 यूनिट 100 रुपए, इसके ऊपर खपत बढ़ने पर ज्यादा बिल लिया जाए।
मध्यप्रदेश में बिजली संकट को लेकर सोशल मीडिया से लेकर हर जगह हो रही चर्चा कैबिनेट बैठक तक पहुंची। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने डाटा पेश करते हुए बताया कि इस वर्ष 14 हजार मेगावाट बिजली की अधिकतम मांग रही, जिसे पूरा किया गया। अभी साढ़े नौ हजार मेगावाट की मांग है, जो पिछले साल के 8600 मेगावाट से अधिक है। मेंटेनेंस के लिए शेडयूल पॉवर कट हो रहा है। इंदौर क्षेत्र में आंधी-तूफान से लाइन खराब हुई। कुछ जगह ट्रांसफॉर्मर जल गए। इसके कारण समस्या आई।

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