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MP: फिर उठने लगी पृथक बुंदेलखंड की मांग, कहा- चुनावी घोषणा पत्र में शामिल हो मुद्दा

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में एक बार फिर पृथक राज्य की मांग जोर पकड़ रही है.

भोपाल: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में एक बार फिर पृथक राज्य की मांग जोर पकड़ रही है. इसके चलते धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का दौर जारी है. मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों द्वारा घोषणा पत्रों में पृथक राज्य का मसला शामिल किए जाने की मांग जोर पर है. बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से छोटे राज्यों की वकालत करते हुए पृथक बुंदेलखंड राज्य के मसले को घोषणा पत्र में शामिल किया गया था. सहाय के अनुसार, मध्य प्रदेश में भी आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने वाले है, लिहाजा कांग्रेस सहित अन्य दलों को अपने घोषणा पत्र मे पृथक राज्य का वादा करना चाहिए. जो दल ऐसा नहीं करेंगे, बुंदेलखंड के लोग उसका विरोध करने में नहीं हिचकेंगे. 
बीजेपी ने दिया जनता को धोखा
गौरतलब है कि लोकसभा (2014) चुनाव में झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पृथक बुंदेलखण्ड राज्य निर्माण के मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर बुंदेलखंड की जनता से वादा किया था कि केंद्र में भाजपा नेतृत्व की सरकार बनने के तीन साल के भीतर बुंदेलखंड राज्य बन जाएगा. सहाय का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान झांसी में हुई. आम सभा में वर्तमान गृहमंत्री, राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उमा भारती के वादे का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया था कि तीन वर्ष के भीतर राज्य निर्माण करा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसी वादे पर जनता ने बुंदेलखंड की सभी सीटों पर भाजपा के सांसदों को जिताया. केंद्र सरकार के गठन के चार साल से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी राज्य निर्माण के पक्ष में कार्यवाही नहीं होते देख बुंदेलखंड वासी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं. 
मध्य प्रदेश सरकार ने सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना व दतिया को शामिल कर बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण बनाया. वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने सात जिले झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट एवं महोबा, को मिलाकर बुंदेलखंड विकास निगम बनाया है. इन्हीं 13 जिलों को मिलाकर पृथक राज्य की मांग जोर पकड़ रही है.

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