लगातार चौथी बार केरल के मुख्यमंत्री और वामपंथी नेता पी विजयन को पीएमओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की अनुमति नहीं दी। सीएम दफ्तर से मिली जानकारी के मुताबिक पीएमओ ने मुख्यमंत्री विजयन को पीएमओ की ओर से मिलने का समय नहीं दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली आए हैं और पीएम मोदी से मिलना चाहते थे। केरल के सीएम केरल को मिलने वाले राशन आवंटन के मुद्दे पर पीएम से बात करना चाहते थे। सीएम विजयन दिल्ली में सीपीएम की सेंट्रल कमेटी की मीटिंग में भी शिरकत करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक पीएम से मिलने के सीएम के निवेदन पर पीएमओ से जवाब आया कि वो इस मुद्दे पर चर्चा के लिए खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान से बात कर सकते हैं। पिछले सप्ताह भी पी विजयन ने इसी मुद्दे पर बात करने के लिए पीएम से समय मांगा था, लेकिन तब भी उन्हें समय नहीं दिया गया था।बता दें कि पी विजयन उन मुख्यमंत्रियों में शामिल थे जो दिल्ली में केन्द्र और एलजी के खिलाफ धरना दे रहे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मिले थे। इन चारों मुख्यमंत्रियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली के मामले को सुलझाने की मांग की थी। इससे पहले 20 मार्च 2017 को भी मुख्यमंत्री ऑफिस ने पीएम से मुलाकात का वक्त मांगा था, पर उस वक्त भी दोनों की भेंट नहीं हो पाई थी। तब सीएम विजयन बजट पर चर्चा करना चाहते थे। नंवबर 2016 में जब पीएम मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी उस वक्त भी विजयन ने मोदी से मिलने के लिए वक्त मांगा था। 24 नवंबर 2016 को पी विजयन ने पीएम मोदी से मिलने के लिए अप्वाइंटमेंट मांगा, लेकिन ये मुलाकात नहीं हो सकी थी।
बता दें कि केरल की लेफ्ट की सरकार है। केरल की लेफ्ट सरकार से भारतीय जनता पार्टी के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। बीजेपी का आरोप है केरल में बीजेपी और संघ के कार्यकर्ताओं पर असामाजिक तत्व हमला करते हैं और वहां की सरकारी मशीनरी उन्हें सरंक्षण देती है।
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