शिवपुरी।
जिला मुख्यालय स्थित एसडीएम कार्यालय के सामने बीते दो दिन से सड़क किनारे पड़ी महंगी दवाइयों का ढेर न केवल लापरवाही उजागर कर रहा है, बल्कि आवारा मवेशियों की जान के लिए भी खतरा बन चुका है। ये दवाइयां अब एक्सपायर हो चुकी हैं और खुले में फेंकी गई हैं, जिन्हें मवेशी अपना भोजन समझकर खा रहे हैं।
खुले में पड़ी इन दवाओं में पैरासीटामोल 500 एमजी, एजिथ्रोमायसिन 500 एमजी, स्ट्रिजिन जैसी कई दवाइयां शामिल हैं, जिनकी कीमत 70 से 100 रुपए प्रति पत्ता है। यह सभी दवाइयां कोरोना काल में प्रदेश सरकार द्वारा जिला प्रशासन को भेजी गई थीं ताकि आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए इनका उपयोग किया जा सके। लेकिन जरूरत के वक्त इनका उपयोग न कर इन्हें स्टोर रूम में रखवाया गया और अब उपयोग से पहले ही ये एक्सपायर हो गईं।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह दवाइयां स्वास्थ्य विभाग की नहीं बल्कि एसडीएम कार्यालय में संग्रहित थीं। आशंका है कि यह किसी प्रशासनिक कार्य के लिए संबंधित विभाग को सौंपी गई थीं, लेकिन अब एक्सपायर हो जाने पर बिना किसी नियमानुसार नष्ट किए सीधे सड़क किनारे फेंक दी गई हैं।
खतरा बना मवेशियों की जान पर
खुले में पड़ी इन दवाओं को भूख-प्यास से भटकते मवेशी खा रहे हैं, जिससे उनके बीमार होने का खतरा बना हुआ है। ऐसी लापरवाही पर जिम्मेदारों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
सीएमएचओ का बयान:
“जो दवाइयां एसडीएम कार्यालय के पास पड़ी हैं, वे स्वास्थ्य विभाग की नहीं हैं। संभवत: ये किसी विभागीय अधिकारी को दी गई थीं और एक्सपायर हो जाने पर फेंक दी गईं।”
– डॉ. संजय ऋषिश्वर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी
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