पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली –प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल जुलाई में इजराइल दौरे पर जाने वाले हैं. वहीं मोदी के इस दौरे से पहले भारत इजराइल के साथ दो रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर कर सकता है. इससे साफ होता है कि भारत के संबंध पश्चिम एशिया के साथ बहतर हो रहे हैं. दो रक्षा सौदों में एंटी टैंक मिसाइल और एक नौसेना वायु रक्षा हथियार प्रणाली शामिल है. मोदी इजराइल की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं. ऐसे में उनकी यात्रा से पहले ये डील अहम है.
पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच पीएम मोदी साल 2025 तक आर्म्ड फोर्सेज के आधुनिकीकरण की सोच रहे हैं, जिसके लिए 250 अरब डॉलर का प्लान तैयार किया गया है.
भारत की सेना के लिए स्पाइक एंटी टैंक मिसाइल सौदा और नौसेना के लिए बराक-8 वायु रक्षा मिसाइल सौदा अगले दो महीने में होने की उम्मीद है. यह डील 1.5 अरब डॉलर में होगी. इसके साथ ही 8,000 मिसाइलों की डिलीवरी भी होनी है, जिसमे दो साल लग जाएंगे. सीनियर एशिया एनालिस्ट शैलेश कुमार का कहना है कि मोदी की इजराइल यात्रा दोनों देशों के बीच मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों के अधिकारी मानते हैं कि भारत-इजराइल आतंकवाद के दंश से गुजर रहा है.
पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच पीएम मोदी साल 2025 तक आर्म्ड फोर्सेज के आधुनिकीकरण की सोच रहे हैं, जिसके लिए 250 अरब डॉलर का प्लान तैयार किया गया है.
अक्टूबर 2014 में भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने स्पाइक मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी थी. इंडियन नेवी के लिए बराक मिसाइलों समेत कई अहम रक्षा खरीदारियों को इस साल अप्रैल में मंजूरी दी गई है. रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में 860 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है.
इजराइल टॉप सप्लायर्स में से एक
इजराइल भारत के टॉप तीन डिफेंस सप्लायर्स में से एक है. बीते दस साल में 10 बिलियन डॉलर की डील हासिल करने के अलावा इजराइल ने आखिर के दो सालों में हथियारों के सात कॉन्ट्रैक्ट भारत से हासिल किए हैं.
इसके अलावा, कई दूसरी बड़ी डील्स भी पाइपलाइन में हैं. इनमें दो इजराइल निर्मित फॉल्कन AWACS (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) भी शामिल है, जिन्हें रूस निर्मित IL-76 मिलिटरी एयरक्राफ्ट पर लगाया जाना है.
इसके अलावा, चार एरोस्टैट रडार और कुछ हमलावर ड्रोन्स भी खरीदे जाने हैं. भारतीय सेनाओं के पास इजराइल निर्मित 100 ड्रोन्स पहले से हैं.
इजराइल भारत के टॉप तीन डिफेंस सप्लायर्स में से एक है. बीते दस साल में 10 बिलियन डॉलर की डील हासिल करने के अलावा इजराइल ने आखिर के दो सालों में हथियारों के सात कॉन्ट्रैक्ट भारत से हासिल किए हैं.
इसके अलावा, कई दूसरी बड़ी डील्स भी पाइपलाइन में हैं. इनमें दो इजराइल निर्मित फॉल्कन AWACS (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) भी शामिल है, जिन्हें रूस निर्मित IL-76 मिलिटरी एयरक्राफ्ट पर लगाया जाना है.
इसके अलावा, चार एरोस्टैट रडार और कुछ हमलावर ड्रोन्स भी खरीदे जाने हैं. भारतीय सेनाओं के पास इजराइल निर्मित 100 ड्रोन्स पहले से हैं.
इजराइल ने भारत के साथ की 2 बिलियन डॉलर की डिफेंस डील
इजराइल ने भारत के साथ 2 बिलियन डॉलर (करीब 12 हजार करोड़ रुपए) की डिफेंस डील पर साइन किए हैं. इसके तहत इजराइल भारत को मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा. इसके जरिए दुश्मनों के एयरक्राफ्ट, मिसाइल और ड्रोन्स को 70 किमी के दायरे में मार गिराया जा सकता है। इस डील का मकसद नरेंद्र मोदी के जुलाई में प्रस्तावित इजराइल दौरे से पहले दोनों देशों के बीच सामरिक रिश्तों को मजबूती देना है.
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