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चुनाव से पहले म.प्र मे 1.50 लाख अस्थाई कर्मचारी नियमित होंगे, 90 हजार से ज्यादा नई भर्तियां जल्द होगी

भोपाल। मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में किसानों के अलावा बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। विपक्ष इस मुद्दे को भी भुनाने की कोशिश में लगा हुआ है। छह जून को मंदसौर में हुई राहुल गांधी की सभा में भी बेरोजगारी के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया था। वहीं चुनावी साल में प्रदेश सरकार नित नए वादों से लोगों को लुभाने में लगी है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार चुनावी साल में बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियां देने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा छह विभागों में करीब 90,650 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इन भर्तियों के लिए विभागीय स्तर पर प्लानिंग शुरू कर दी गई है।

प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो, स्कूल शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा 31,645 टीचर्स की भर्ती की जाएगी। गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 60 हजार पद रिक्त हैं, जिन पर आगे भी भर्ती की जा सकती है। वहीं सरकार की ओर से विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले ही इन भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी कर भर्ती प्रक्रिया में देरी न की जाए।
बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार सरकारी नौकरी के साथ ही निजी क्षेत्र में भी स्किल्ड मैनपॉवर देने के लिए बड़ी कंपनियों से अनुबंध कर रही है। राज्य सरकार ने इन अनुबंधों के जरिए इसी साल करीब एक लाख लोगों को नौकरी देने का लक्ष्य भी बनाया है। आपको बता दें कि प्रदेश में पटवारी के 9500 पद, सर्वेक्षण सहायक के 6603 पद, लेखापाल के 1613 पदों के लिए परीक्षा हो चुकी है। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग में 31,645, राजस्व विभाग में 9500 पटवारी, 400 नायब तहसीलदार और 100 अन्य पदों के लिए भर्तियां भी होना हैं। साथ ही उच्च शिक्षा विभाग में 3500 एसोसिएट प्रोफेसर, 650 राजपत्रित अधिकारी (खेल अधिकारी व लाइब्रेरियन) एवं एक हजार वर्ग-3 व 4 के पद आउटसोर्सिंग से भरे जाएंगे।
वहीं स्वास्थ्य विभाग में 1300 डॉक्टर, 700 पैरा मेडिकल स्टॉफ, 1053 स्टाफ नर्स तथा 500 शहरी क्षेत्र में एएनएम की भर्ती की जाएगी। पुलिस विभाग में 8000 आरक्षक व अन्य और 4 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग में भी 3300 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 700 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने की तैयारी हो रही है।
सूत्रों की मानें तो, सहकारी संस्थाओं के 23,000 कर्मचारियों, 55,000 रोजगार सहायक, 2000 संविदा सब-इंजीनियर्स, 50,000 अतिथि शिक्षक और 5,000 अतिथि विद्वान प्राध्यापकों के नियमितिकरण पर भी राज्य सरकार ने नजर बना रखी है।

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