सम्पन्न हुई। बैठक के संबंध में जनसंपर्क मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता डॉ. नरोत्तम मिश्र ने समाचार
पत्र प्रतिनिधियों को जानकारी दी।
§ मध्यप्रदेश में रक्त रोगों के उपचार की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण
पहल की है। कई तरह के रक्त कैंसर, थैलेसीमिया, एप्लास्टिक एनीमिया आदि रक्त रोगों का समाधान बोनमेरो ट्रांसप्लांट
से संभव होता है। राज्य में अत्याधुनिक अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (बी.एम.टी.)
केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया । इसके लिए चिकित्सक भी चुने जा चुके
हैं। इनका प्रशिक्षण भी हो चुका है। इंदौर के एमवाय अस्पताल में यह केन्द्र प्रारंभ
होगा।
जिलों की सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इनमें सागर जिले में
कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत 53 ग्रामों में कुल 9990 हेक्टेयर में रबी
सिंचाई प्रस्तावित है। परियोजना की लागत 385.79 करोड़ होगी। परियोजना के अंतर्गत
कड़ान नदी पर बांध निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा डिण्डोरी जिले में करीब 10
हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई के लिए बिलगाँव मध्यम सिंचाई परियोजना
पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। वर्ष 2012-13 में प्रारंभ परियोजना का शीर्ष
कार्य लगभग पूरा हो गया है। नहरों का कार्य भी 75 प्रतिशत हो चुका है। पूर्व में
182.22 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति में
परियोजना की लागत 269.90 करोड़ है। सिंचाई क्षेत्र भी 9750 हेक्टेयर से बढ़कर 9980
हेक्टेयर हो जाएगा। इसके साथ ही शिवपुरी जिले में लोवर ओर वृहद सिंचाई परियोजना की
मंजूरी से शिवपुरी और दतिया जिले के 258 ग्रामों में सिंचाई संभव होगी। इस
महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत शिवपुरी जिले के ग्राम दिदावनी के पास ओर नदी पर
बांध निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना की लागत 2208.03 करोड़ आंकलित है। परियोजना
से शिवपुरी जिले के 222 ग्रामों में 76,855 हेक्टेयर और दतिया जिले के 36 ग्रामों में 13,145 हेक्टेयर रबी सिंचाई संभव होगी।
“मध्यप्रदेश ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम” सम्मिलित करने के संबंध में
निर्णय लिया।
(पुल) के लिए भूमि आवंटन का निर्णय लिया। इसी तरह 765 के.व्ही. जबलपुर पूलिंग
स्टेशन के विस्तार के लिए पॉवर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया को 6.39 हेक्टेयर शासकीय
भूमि के आवंटन का निर्णय लिया गया। दमोह जिले और शिवपुरी जिले में गृह मंत्रालय
भारत सरकार के अंतर्गत सपोर्ट वैपन ट्रेनिंग स्कूल के लिए भूमि देने का निर्णय
लिया।
की व्यवस्था, फर्नीचर और वाहन आदि के लिए मंजूरी। ये मेडीकल कॉलेज हैं – छिंदवाड़ा,
रतलाम, शहडोल, शिवपुरी, खण्डवा और विदिशा।
अनुमोदन की कार्यवाही की।
लिए परियोजना के लिए भी प्रदान की गई।
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