ग्वालियर। भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता, केंद्रीय मंत्री और मध्यप्रदेश में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शुमार नरेंद्र सिंह तोमर अब अपने ही घर ग्वालियर में अकेले पड़ते नजर आ रहे हैं। भाजपा के दर्जनों क्षेत्रीय नेताओं ने उनसे किनारा करना शुरू कर दिया है। बता दें कि नरेंद्र सिंह तोमर पर विधानसभा चुनावों में भितरघात के आरोप लगाए गए हैं।
कुछ दिनों पहले चर्चा आई थी कि नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर छोड़कर भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं परंतु शायद बात नहीं बनी अत: स्थानीय सांसद और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर लोकसभा के हर विधानसभा क्षेत्र में बैठकें ले रहे हैं और इन्हीं बैठकों का उनका खुला विरोध सामने आ रहा है। तोमर ने ग्वालियर में अपनी बैठकों की शुरुआत 13 जनवरी से की थी। पहली बैठक ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आयोजित हुई। इस बैठक में पूर्व मंत्री व इस बार दक्षिण क्षेत्र से पराजित प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह को भी बुलाया गया था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए। अगले दिन फिर देववन मैरिज गार्डन में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई। इस बार भी सूचना के बाद नारायण सिंह बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
15 जनवरी को मंगलम गार्डन में ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र की बैठक में बनी। इस बैठक में विधानसभा प्रत्याशी सतीश सिंह सिकरवार शामिल नहीं हुए। 16 जनवरी बुधवार को ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र की बैठक में यहां से पराजित प्रत्याशी जयभान सिंह पवैया व उनके समर्थकों ने बैठक से दूर रहे।
जो हुआ उसे भूल जाओ: तोमर ने भेजा संदेश
ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र की बैठक में केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हार की समीक्षा के अब कोई मायने नहीं है। समीक्षा में केवल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप या दोषारोपण से बात नहीं बनेगी। जो हुआ उसे भूल जाओ, अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटना है।
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