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गोपाल भार्गव सिर्फ नाम के ही नेता प्रतिपक्ष रह गए 

भोपाल। सागर जिले की रहली विधानसभा से भाजपा के वरिष्ठ और कद्दावर नेता गोपाल भार्गव नेता प्रतिपक्ष तो बन गए लेकिन 2 दिनों में उनके साथ 2 अजीब से घटनाक्रम भी हुए। एक महिला विधायक सदन के भीतर उनके बंगले की मांग करने लग गईं। आज शिवराज सिंह चौहान उनकी कुर्सी पर आकर बैठ गए।
ज्ञापन नेता प्रतिपक्ष को देना था, लेकिन उन्हे साथ भी नहीं रखा
गोपाल भार्गव फिलहाल एक पीड़ित की तरह नजर आ रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन में आपत्ति जताने के लिए भाजपा का विधायक दल राज्यपाल महोदय से मिलने राजभवन पहुंचा। कायदे से दल का नेता होने के नाते गोपाल भार्गव को नेतृत्व करना चाहिए था परंतु शिवराज सिंह लगातार आगे-आगे आते रहे। यहां तक कि राज्यपाल महोदय को ज्ञापन भी शिवराज सिंह चौहान ने ही सौंपा, गोपाल भार्गव नेता प्रतिपक्ष होते हुए भी सामान्य विधायक की तरह खड़े रहे। 
गोपाल भार्गव की कुर्सी पर भी कब्जा कर लिया
बुधवार को विधानसभा सदन के भीतर दमोह जिले से बसपा विधायक रामबाई जिद पर अड़ गईं। बोली उन्हें वो बंगला चाहिए जिसमें गोपाल भार्गव रहते हैं। यह चौंकाने वाला था। एक विधायक सदन के भीतर यह मांग कर रही थी कि नेता प्रतिपक्ष से उनका आवास खाली कराकर उसे आवंटित कर दिया जाए। जबकि वो मंत्री भी नहीं है। गुरूवार को शिवराज सिंह चौहान सदन में उस कुर्सी पर जाकर बैठ गए जो नेता प्रतिपक्ष के लिए आरक्षित होती है। कायदे से यहां गोपाल भार्गव को बैठना चाहिए था परंतु गोपाल भार्गव एक सहायक की तरह पास वाली कुर्सी पर बैठे नजर आए। हालात यह बने कि सत्ता पक्ष के विधायकों को आपत्ति उठानी पड़ी। 

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