
मुख्य निवार्चन पदाधिकारी (सीईओ) कायार्लय से दी गई जानकारी के अनुसार, मतगणना में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र का चुनाव रेंडम आधार पर किया किया जाएगा। चयनित मतदान केंद्र में उपयोग में लाए गए वीवीपेट की पचीर् का मिलान ईवीएम के कंट्रोल यूनिट में प्रदर्शित संख्या से किया जाएगा। यह कार्य उम्मीदवार, निवार्चन अभिकतार्ओं एवं केंद्रीय प्रेक्षक की उपस्थिति में होगा। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी
सीईओ कायार्लय के अनुसार, मतगणना कक्ष के अंदर ही वीवीपेट की पर्ची से वोट का सत्यापन होगा। इस मतगणना के लिए वीवीपेट काउंटिंग बूथ ठीक वैसे ही तैयार किया जाएगा जैसा बैंकों में होता है। इसके लिए निवार्चन अधिकारी द्वारा सभी उम्मीदवारों को पूर्व में ही सूचना दी जाएगी। मतदान केंद्र के चयन के लिए सफेद कागज की पर्ची पर मतदान केंद्रों के नंबर लिखकर कंटेनर में डाले जाएंगे और पचीर् निकालकर केंद्र का रेंडम चयन होगा। यह कार्य ईवीएम से गणना के अंतिम राउंड के तत्काल पश्चात किया जाएगा। यह कार्य केंद्रीय प्रेक्षक की उपस्थिति एवं कड़ी निगरानी में होगा।
मालूम हो कि मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर 28 नवंबर को हुए मतदान में 75 फीसदी वोटिंग हुई थी। वहीं, मध्य प्रदेश समेत पांचों राज्यों के नतीजों का ऐलान 11 दिसंबर को होगा।
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