भोपाल। मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने पंचायत चुनाव निरस्त कराने के लिए मुहर लगा दी है, इसका प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल के पास भेजा गया है। राज्यपाल द्वारा प्रस्ताव पर मुहर लगाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव निरस्तीकरण के लिए निर्देश दे सकते हैं। मध्य प्रदेश में होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव अब टलते नजर आ रहे हैं। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद डा. नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश सरकार पंचायत राज्य संशोधन अध्यादेश वापस ले रही है। इस पर विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत होना था, लेकिन नहीं हो सका। अब सरकार राज्यपाल से इस अध्यादेश को वापस करने का प्रस्ताव देंगे।
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से पंचायत चुनाव होंगे या नहीं पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद से कांग्रेस-भाजपा आमने सामने हैं और ऐसे में पंचायत चुनाव को लेकर संशय बना हुआ था। लेकिन इसी बीच रविवार को तीन बड़े ऐसे कारण सामने आए है जिनसे माना जा सकता है कि मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव निरस्त होगा लगभग तय है।
1. जिस अध्यादेश से कमलनाथ सरकार का रोटेशन और परिसीमन निरस्त किया गया उस अध्यादेश को विधानसभा में पास नहीं करवा पाई बीजेपी सरकार। सूत्रों की मानें तो मध्यप्रदेश सरकार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जो अध्यादेश लाई थी वो अध्यादेश वापस ले रही है। अगर ऐसा होता है तो कमलनाथ सरकार द्वारा किया गया परिसीमन और रोटेशन जीवित करेगा और इस नए अध्यादेश से पंचायत चुनाव नहीं हो पाएंगे। मतलब की पंचायत चुनाव निरस्त हो जाएंगे।
. रविवार के दिन कैबिनेट की बैठक होना। फिर 12:30 बजे सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का प्रेस कांफ्रेस का आमंत्रण आना।
3.इंदौर में ओमिक्रान के 8 मामले मिलना, हालांकि उनमें से छह ठीक होकर घर जा चुके हैं सिर्फ दो एडमिट है और इनमें भी कोई लक्षण नहीं है।
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