मंथन न्यूज नई दिल्ली. दिल्ली की राजनीति में कपिल मिश्रा के खुलासे ने भूचाल ला दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगने के साथ ही मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी जल्द होने की आशंका जताई जा रही है। एलजी अनिल बैजल को मिश्रा ने ऑन रिकॉर्ड शिकायत की है। इसके बाद राजनिवास सरकार की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को लेकर सक्रिय हो गया है। सोमवार को एलजी ने कुछ विशेषज्ञों की बैठक भी बुलाई है। साथ ही मिश्रा की शिकायत एसीबी को फॉरवर्ड की जाएगी।
राजनिवास के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व एलजी नजीब जंग मंत्री सत्येंद्र जैन के विभागों की कुछ फाइलें पहले ही सीबीआई को जांच के लिए मार्क कर गए थे, सीबीआई इनकी जांच कर भी रही है। अब एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) और सीबीआई को नई शिकायत फॉरवर्ड होने पर जैन पर कार्रवाई हो सकती है।
सरकार के पास 36 विधायक हैं और वह पूर्ण बहुमत है। ऐसे में केजरीवाल पर फिलहाल कोई संवैधानिक संकट नहीं है। भाजपा नेताओं ने जरूर सीएम केजरीवाल और मंत्री सत्येंद्र जैन को हटाए जाने की मांग की है, लेकिन यह जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर ही निर्भर करेगा।
दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव और संविधान विशेषज्ञ एसके शर्मा ने बताया कि सीएम पर लाभ के पद में फंसे 21 विधायकों का संकट है। राजौरी गार्डन में भाजपा की जीत हुई, जबकि बवाना से विधायक वेद प्रकाश भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में 70 में से 65 सीटों पर आप के विधायक हैं। अगर 21 विधायकों की सदस्यता रद्द होती है तो भी 44 विधायक शेष होंगे। हालांकि कई विधायक बागी हो चुके हैं। अगर यह लोग इस्तीफा दे दें तो साल के अंत तक चुनाव संभव हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर कोई संकट नहीं है।
सोशल मीडिया से दूर रहे सीएम-डिप्टी सीएम
मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर छाए रहने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया रविवार को इस मंच पर खामोश नजर आए। भ्रष्टाचार के आरोप मामले में शाम तक दाेनों नेताओं ने कोई ट्वीट नहीं किया। हालांकि सीएम ने रविवार को आम आदमी पार्टी और राज्य सभा से संबंधित अखबार में छपी एक खबर को पोस्ट तो किया, लेकिन कपिल मिश्रा मामले में कुछ नहीं बोले। इसी तरह सिसोदिया राज्य सभा और सहारनपुर में भड़की हिंसा से संबंधित खबर को ट्वीट किया, लेकिन कपिल मिश्रा मामले में शांत रहे।
यूथ कांग्रेस विंग ने सीएम आवास पर किया प्रदर्शन, मांगा इस्तीफा
यूथ कांग्रेस विंग ने रविवार शाम सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर प्रदर्शन किया। विंग ने सीएम और सत्येंद्र जैन से तत्काल इस्तीफे की मांग की। दिल्ली यूथ कांग्रेस विंग के प्रभारी सीताराम लांबा ने कहा कि इतना गंभीर आरोप कभी किसी मुख्यमंत्री पर नहीं लगा है। ऐसे में भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना दिखाने वाले केजरीवाल को चाहिए कि अगर उनमें जरा भी नैतिकता बची है तो जांच पूरी होने तक अपने पद से इस्तीफा दें।
‘भ्रष्टाचार में डूबी है आम आदमी पार्टी’
मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने रविवार को पत्रकार वार्ता की और आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचार के आरोप पर घेरा। गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार मिटाने की बात कहकर सत्ता हासिल करने वाले केजरीवाल और उनके मंत्री-विधायक भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हैं। जिस तरह कपिल मिश्रा ने सीएम पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं, वह आपराधिक है और इस पर तुरंत मामला दर्ज कर मुख्यमंत्री और सतेन्द्र जैन को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
भाजपा ने मांगा सीएम का इस्तीफा, एलजी से मिले
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने वाली विभिन्न सरकारी एजेंसियों-केंद्रीय जांच ब्यूरो, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से मांग की है कि इस मामले में संज्ञान लेते हुए केजरीवाल व सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज करें। मनोज तिवारी ने कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर मामला है। इन आरोपों को देखते हुए केजरीवाल को पद पर बने रहने का कोई नैतिक और वैधानिक अधिकार नहीं है। केजरीवाल को बर्खास्त करने की मांग को लेकर तिवारी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात भी की।
पानी से ही हुई तारीफ, पानी ने ही कराया मंत्रिमंडल से बाहर
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के दो साल के लेखा-जोखा पर नजर दाैड़ाएं तो अमूमन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने भाषण में फ्री पानी-आधी दर पर बिजली के अलावा पानी की लाइनें बिछाने को लेकर सरकार की जमकर तारीफ करते थे। लेकिन निगम चुनाव परिणाम आने के महज 10 दिन के अंदर कपिल मिश्रा को मंत्रिमंडल से बाहर करने की वजह पानी की बिल की शिकायतें बताई जा रही हैं।
निगम चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री दिल्ली के हर कोने में अपने भाषण में पानी को मुख्य मुद्दा बनाते थे और दावा करते थे कि हमने पानी के क्षेत्र में सबसे बेहतर कार्य किया है। केजरीवाल कहते थे कि 2017 के अंत तक दिल्ली के प्रत्येक कोने में पानी की पाइप लाइन बिछा दी जाएगी।
आप सरकार के एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सबसे ज्यादा पानी को लेकर कपिल मिश्रा की तारीफ की थी। 14 फरवरी 2016 में एनडीएमसी के कंवेंशन सेंटर में आयोजित ‘एक साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लेट पेमेंट सरचार्ज को माफ करने की घोषणा की थी। इसके अलावा उपभोक्ताओं के पानी के यूजर चार्ज में कॉलोनी की श्रेणी के तहत छूट दी गई। इसी तरह वर्ष 2017 में ‘दो साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में भी पानी को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कपिल मिश्रा की जमकर तारीफ की थी। इस मौके पर यमुना को लेकर बड़ी घोषणा की गई थी। लेकिन ताज्जुब की बात है कि केजरीवाल और सिसोदिया अक्सर जिस मंत्री की सर्वाधिक तारीफ करते थे, आज उसे मंत्री पद से हटाने की मुख्य वजह पानी में आने वाली शिकायतों का हवाला दे रहे हैं।
कोई हुआ स्तब्ध, किसी ने जनभावना का मजाक बताया
भ्रष्टाचार मुक्ति का नारा देने वाले आज खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं। अपने कैबिनेट और विधायकों का विश्वास ही उन पर नहीं रहा है। ऐसे में उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। दिल्ली में दोबारा से चुनाव होने चाहिए। जनता का उनपर विश्वास होगा तो वह जीतेंगे। मेरी नजर में वह जन विश्वास खो चुके हैं। – डा. हंसराज सुमन, लेक्चरर, अरविंदो कॉलेज, डीयू
शीला सरकार के समय भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन चला कर दुबारा सत्ता हासिल करने वाले केजरीवाल से यह उम्मीद तभी धूमिल हो गई थी, जब शपथ ग्रहण के बाद इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली। पहले भी मिश्रा को धमका कर चुप कराने का केजरीवाल पर आरोप था। – माधवी सक्सेना, सॉफ्टवेयर इंजीनियर
जिस तरह केजरीवाल से उम्मीदें थीं, वह अब नहीं रही हैं। केजरीवाल बदल गए हैं। – कृष्णपाल चौहान, निवासी वेलकम कॉलोनी
जिस तरह से वीपी सिंह ने राजीव गांधी पर बोफोर्स मामले में बेबुनियाद आरोप लगाया था, उसी तरह कपिल मिश्रा ने भी केजरीवाल पर बगैर सुबूत के आरोप लगाया है। इसकी जांच होनी चाहिए। – डॉ. अनिल बंसल, पूर्व अध्यक्ष (डीएमए)
केजरीवाल द्वारा रिश्वत लेने की खबर चैनल पर देखकर स्तब्ध हूं। भ्रष्टाचार के नाम पर ढोल पीट कर दिल्ली के देा करोड़ लोगों को बेवकूफ बना कर सत्ता हासिल कर लिया। राजा बाबू, पार्किंग कॉन्ट्रेक्टर
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