समाधि स्थल प्रांगण में स्वराज संस्था संचालनालय म.प्र. शासन संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय तात्याटोपे समारोह के पहले दिन श्रृद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
वरिष्ठ पत्रकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री प्रेमनारायण नागर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में आजादी रूपी पेड़ को पानी से नहीं बल्कि अमर शहीद सैनानियों ने अपने खून से सीचा। जिसके कारण आज हम आजाद भारत में सांस ले रहे है, उसके लिए देश के अमर शहीद सैनानियों ने अपने प्राणों की बलिदानी दी है। आज आवश्यकता है कि हम अमर वीर शहीदों से प्रेरणा लेकर देश एवं समाज सेवा के लिए आगे आए। श्री नागर ने तात्याटोपे से जुड़ी अनेकों घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि तात्याटोपे को फांसी किसी अंग्रेज सैनिक ने नही दी, बल्कि उन्होंने फांसी का फंदा भारत माता को नमन करते हुए अपने गले में डाल लिया था। उन्होंने नागरिकों से आवाह्न करते हुए कहा कि जिस देश के नागरिकों में अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम एवं आस्था नहीं है, वह देश विकास से वंचित हो जाता है। कोई भी देश किसी भी क्षेत्र में तब तक विकास नहीं कर सकता, जब तक कि उस देश के लोगों में राष्ट्रीयता की भावना नहीं होगी।
विधायक श्री प्रहलाद भारती ने अमर शहीद तात्याटोपे को अपने श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि शिवपुरी की धरती को शहीदों ने कर्मभूमि एवं बलिदान भूमि बनाया। देश को आजाद कराने में तात्याटोपे को समाज के सभी वर्गों ने सहयोग दिया। युवा आगे बढ़ेगे तो देश भी आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि तात्याटोपे को छापामार, गौरिल्ला युद्ध में महारथ हासिल थी। श्री भारती ने कहा कि हमारे इतिहासकारों के साथ-साथ अंग्रेजी इतिहासकारों ने भी माना है कि ऐसा योद्धा विश्व में नहीं हुआ। वह एक सर्वश्रेष्ठ क्रांतिकारी नेता थे। स्वतंत्रता सेनानी श्री वीर सावरकर ने भी तात्याटोपे को महान क्रांतिकारी एवं देशभक्त बताया। तात्याटोपे अंग्रेजो के साथ लड़ाई के दौरान पराजित होने के बाद भी कभी हार नहीं मानी। आज आवश्यकता है कि उनके जीवन से हम सभी प्रेरणा लें।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद भार्गव ने कहा कि तात्याटोपे पूरे विश्व में एक ऐसे सेनापति थे, जिसकी क्षमता अद्भुत एवं असीमित थी। अमर शहीद तात्याटोपे का शिवपुरी से सीधा संबंध रहा है। जहां उन्हें फांसी दी गई, आज वह बलिदान स्थल के रूप मंे जाना जाता है। 1857 की लड़ाई में तात्याटोपे के साथ-साथ महारानी लक्ष्मीबाई एवं नाना ने जिले की गोपालपुर गढ़ी में युद्ध के बारे में मंत्रणा की। उन्होंने कहा कि तात्याटोपे के अलावा शिवपुरी जिले का संबंध चंद्रशेखर आजाद, गुरूबक्श सिंह ढिल्लन जैसे कई अन्य अमर शहीद सैनानियों से भी रहा है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। वह एक महान सेना नायक थे। देश की आजादी की लड़ाई में शिवपुरी की भूमि ने उर्वरा का कार्य किया है। इतिहास हमेशा घटना, साक्ष्य एवं तारीखों पर लिखा गया है। सावरकर से लेकर विदेशी इतिहासकारों ने देश के स्वतंत्रता की लड़ाई को बेहतर तरीके से लिखा है।
कार्यक्रम को श्री नीतिन शर्मा ने तात्याटोपे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए तात्याटोपे द्वारा देश की 1857 की क्रांति में दिए गए योगदान की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इस क्रांति ने तात्याटोपे को अमर बना दिया।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव, अमर शहीद तात्याटोपे के बंशज सुभाष टोपे एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री प्रेमनारायण नागर का शाॅल, श्रीफल से सम्मान लिया। कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं, सेन्ट बेन्डिक्ट स्कूल और हेप्पीडेज स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रभक्ति पर केन्द्रित गीतों एवं नृत्यों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम का संचालन श्री गिरीश मिश्रा, श्री अरूण अपेक्षित एवं श्री आदित्य शिवपुरी ने किया। इस मौके पर जिला जेल मुरैना के अधीक्षक श्री बी.एस.मौर्य के नेतृत्व में जेल परिसर शिवपुरी से एक मशाल यात्रा निकाली गई और समाधि स्थल पहुंचकर श्रृद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम के शुरू में दीप प्रज्ज्वलित कर तात्याटोपे के छायाचित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यापर्ण किया गया। कार्यक्रम के अंत में डिप्टी कलेक्टर श्री आर.ए.प्रजापति ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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