भोपाल मंथन न्यूज-
भाजपा सरकार ने सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती करने शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई थी, लेकिन कांग्रेस की सरकार में यह भर्ती परीक्षा अधर में लटकती नजर आ रही है। कांग्रेस सरकार का गठन हुए 6 माह हो गए, अभी तक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित नियम ही नहीं बन पाए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री भी इस मामले में ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) ने सरकारी स्कूलों में खाली पदों को भरने शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-1 और वर्ग-2 कराई थी। इनकी मेरिट सूची तीन माह बाद भी जारी नहीं हो सकी है। वहीं प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-3 के लिए अभी तक आवेदन भी नहीं मंगाए गए हैं। इससे उच्च माध्यमिक और माध्यमिक परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थी परेशान हो रहे हैं। वहीं पात्रता परीक्षा की मेरिट सूची जारी होने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। दस्तावेजों में सत्यापन आदि प्रक्रिया में दो से तीन माह का समय लग सकता है।
अतिथि शिक्षकों की नहीं हुई काउंसिलिंग
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद भरने के लिए अतिथि शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं। इनकी च्वॉइस फिलिंग भी करा ली गई, लेकिन अभी तक इन्हें स्कूल आवंटित नहीं किए गए। इससे प्रदेश के लगभग 25 हजार अतिथि शिक्षक स्कूल आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।
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वर्जन
– शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के बारे में शासन अवगत है। भर्ती प्रक्रिया चलन में है।
प्रभुराम चौधरी, स्कूल शिक्षा मंत्री
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