भाजपा शासन में विधानसभा चुनाव से 4 माह पहले यह बंगला राकेश सिंह को आवंटित हुआ था, तब से इसमें रेनोवेशन / RENOVATION का काम चल रहा था। यहां तक बिजली की फिटिंग भी गड़बड़ होने के कारण दो बार बदली गई थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार के इस फैसले को गलत ठहराया है। बताया जा रहा है कि आवंटन के बाद पीडब्ल्यूडी ने बंगले के रेनोवेशन पर काम शुरू किया था। तब तक राकेश सिंह इसमें नहीं गए। काम होने के बाद उन्हें पजेशन लेना था, पर उससे पहले ही बंगला राठौर को दे दिया गया।
इधर, राज्य सरकार ने भाजपा सरकार में मंत्री रहे पारस जैन, नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग व सुरेंद्र पटवा और सुरेंद्रनाथ सिंह समेत 5 लोगों को बंगला खाली करने का नोटिस दे दिया है। साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि अब दस गुना जुर्माना लगेगा।
यह सही परंपरा नहीं: RAKESH SINGH
राकेश सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने भी कमलनाथ को बतौर सांसद ही मप्र में बंगला दे रखा था। दलों के विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सकारात्मकता बनी रहनी चाहिए थी। मेरे आवास के मामले में कांग्रेस ने राजनीतिक सौहार्द खत्म कर दिया। बिना सूचना के आवंटन निरस्त कर दिया। ये परंपराएं सही नहीं है।
BJP ने SCINDIA को आवास आवंटित तक नहीं किया था
बता दें कि भाजपा की शिवराज सिंह सरकार ने सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को उस समय भी आवाज आवंटित नहीं किया था जबकि उन्हे चुनाव अभियान समिति का चेयरमैन बना दिया गया था और भोपाल में उनका कार्यालय होना अनिवार्य हो गया था। उन्होंने निजी स्थानों से अपना वाररूम संचालित किया था।
शिवराज से मिलने के बाद कमलनाथ ने राकेश सिंह का बंगला छीन लिया
भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद सीएम कमलनाथ ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को आवंटित सरकारी बंगला छीन लिया है। सांसद राकेश सिंह को आवंटित आवास बी-17, 74 बंगले, भोपाल अब वाणिज्यिक कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर को आवंटित कर दिया गया। इससे पहले महैर के शिवराज सिंह समर्थक भाजपा नेता धीरज पाण्डेय कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
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