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तीन राज्यों में पराजय पर पहली बार बोले अमित शाह, कहा- विरोधी जीते, हम हारे नहीं

शाह ने कहा, ‘मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हमारे विरोधी जीत गए हैं, लेकिन हम हारे नहीं हैं। नतीजा अच्छा नहीं रहा, लेकिन हमने अपना आधार नहीं खोया है। कार्यकर्ताओं को उम्मीद खोने की जरूरत नहीं है।’

हाइलाइट्स

  • शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वोटिंग के दिन वे यह सुनिश्चित करें कि उनका, परिवार का और उनके दोस्तों का वोट सुबह 10:30 से पहले पड़ जाए
  • शाह ने कहा कि उसने देश में जातिवाद, वंशवाद और तुष्टिकरण का कैंसर पैदा किया है। उसकी इन नीतियों के चलते देश में लोकतंत्र कमजोर हुआ है
  • 5 राज्यों के चुनाव में बीजेपी को अपनी सत्ता वाले तीन राज्यों में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में हार झेलनी पड़ी थी

नई दिल्ली 
बीजेपी चीफ  अमित शाह ने तीन राज्यों में सत्ता से बाहर होने पर पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा है कि कार्यकर्ताओं को इससे निराश नहीं होना चाहिए। शनिवार को राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और वे तीन राज्यों में उम्मीदों के मुताबिक परिणाम न आने से निराश न हों। शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वोटिंग के दिन वे यह सुनिश्चित करें कि उनका, परिवार का और उनके दोस्तों का वोट सुबह 10:30 से पहले पड़ जाए।

कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए शाह ने कहा कि उसने देश में जातिवाद, वंशवाद और तुष्टिकरण का कैंसर पैदा किया है। उसकी इन नीतियों के चलते देश में लोकतंत्र कमजोर हुआ है और विकास बाधित हुआ है। रामलीला मैदान में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हमारे विरोधी जीत गए हैं, लेकिन हम हारे नहीं हैं। नतीजा अच्छा नहीं रहा, लेकिन हमने अपना आधार नहीं खोया है। कार्यकर्ताओं को उम्मीद खोने की जरूरत नहीं है।’ 
बता दें कि हाल ही में हुए 5 राज्यों के चुनाव में बीजेपी को अपनी सत्ता वाले तीन राज्यों में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में हार झेलनी पड़ी थी। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि बीजेपी के लिए लोकसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं, यदि हम इन चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने में सफल रहे तो लंबे समय तक हम संसद से पंचायत तक शासन कर सकेंगे। 

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