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दिल्ली के जाफराबाद में प्लानिंग के तहत हुई हिंसा: पुलिस सूत्र

पुलिस का कहना है कि हम पहले ड्रोन से इलाके और प्रदर्शन पर नजर रखे थे, लेकिन जैसे ही ड्रोन बन्द किया गया कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया.

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नई दिल्ली. जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के बाद मंगलवार को दिल्ली के जाफराबाद में प्रदर्शन उग्र हो गया. यहां पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों में तोड़फोड़ कर दी. बाद में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. हालांकि शाम होते-होते पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया और ट्रैफिक भी चालू कर दिया. सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच में सामने आया है कि सीलमपुर जाफराबाद हिंसा एक प्लानिग के तहत हुई. हिंसा में 11 पुलिस कर्मी घायल हुए वहीं 7 लोग पब्लिक के भी घायल हुए हैं. खबर के मुताबिक जिस बस में पथराव हुआ उसमें स्कूल बच्चे थे, लेकिन उन्हें ड्राइवर ने सुरक्षित निकाल लिया. मामले पर पुलिस का कहना है कि हम पहले ड्रोन से इलाके और प्रदर्शन पर नजर रखे थे, लेकिन जैसे ही ड्रोन बन्द किया गया कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया.
मामूली झड़पों में शामिल थी छिपी हुई भीड़
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के सीलमपुर में पुलिस के साथ मामूली झड़पों में छिपी हुई भीड़ शामिल थी जो बढ़कर चार से पांच हजार लोगों तक पहुंच गयी. उन्होंने बताया कि हालात को जल्द ही काबू में कर लिया गया. अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोगों को दोपहर करीब दो बजे जाफराबाद में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करना था, लेकिन लोग दोपहर एक बजे और सवा एक बजे के बीच सीलमपुर में एकत्रित हुए और पुलिस ने उन्हें रोक दिया.
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के सीलमपुर में पुलिस के साथ मामूली झड़पों में छिपी हुई भीड़ शामिल थी जो बढ़कर चार से पांच हजार लोगों तक पहुंच गयी. उन्होंने बताया कि हालात को जल्द ही काबू में कर लिया गया. अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोगों को दोपहर करीब दो बजे जाफराबाद में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करना था, लेकिन लोग दोपहर एक बजे और सवा एक बजे के बीच सीलमपुर में एकत्रित हुए और पुलिस ने उन्हें रोक दिया.

करीब 30 मिनट तक शांतिपूर्ण रहे लेकिन…
एक अधिकारी ने बताया, ‘बिना किसी पूर्व सूचना के एक छिपी हुई भीड़ ने सीलमपुर स्थल की ओर मार्च किया. इसमें चार-पांच हजार लोग थे. वे करीब 30 मिनट तक शांतिपूर्ण रहे लेकिन उसके बाद मामूली झड़पें हुईं.’ उन्होंने बताया कि हालात जल्द ही काबू में कर लिए गए और स्थिति में सुधार हुआ.
दोपहर को संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रहे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने उत्तर पूर्व दिल्ली में कई मोटरसाइकिलों को फूंक दिया, पुलिस कर्मियों पर पथराव किया और बसों तथा पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की. पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े. करीब डेढ़ घंटे तक चले गतिरोध में कम से कम दो इलाकों से धुएं का गुबार उठता हुआ देखा गया. पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया.

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