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मंदिर में लाउडस्पीकर पर ​BAN : शिवराज का CM कमलनाथ से सवाल-बाकी धर्म स्थानों पर क्या करेंगे?

शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर सीधे सीएम कमलनाथ (cm kamalnath) को चुनौती दे दी है कि वो क्या दूसरे धार्मिक स्थानों पर ये आदेश लागू कराएंगे.

भोपाल.मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउड स्पीकर (Loud speaker) पर प्रतिबंध (restriction) लगाने के एक आदेश को लेकर सियासत गर्मा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) से लेकर बीजेपी (bjp) के तमाम बड़े नेता ये मांग कर रहे हैं कि प्रतिबंध सिर्फ मंदिरों (temples) पर ही लागू न किया जाए. शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर सीधे सीएम कमलनाथ (cm kamalnath) को चुनौती दे दी है कि वो क्या दूसरे धार्मिक स्थानों पर ये आदेश लागू कराएंगे.
मंदिरों में रात 10 बजे के बाद लाउड स्पीकर बंद रखने के आदेश पर बीजेपी गुस्से में है. शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर वार छेड़ दिया है. उन्होंने ट्वीट में लिखा, ये आदेश शर्मनाक तुष्टिकरण है. कमलनाथ जी, कोलाहल नियंत्रण के नाम पर मंदिर से स्पीकर हटाने का जो आदेश जारी हुआ है, क्या रात 10 से सुबह 6 के बीच स्पीकर का उपयोग करने वाले दूसरे धार्मिक स्थलों पर भी आप यह लागू करवा पाएंगे ? प्रदेश के मुखिया की दृष्टि में तो सभी धर्म समान होने चाहिए, या नहीं ?

सीएम से सवाल

बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने सीएम कमलनाथ को संबोधित करते हुए लिखा है कि यदि कोलाहल नियंत्रण कानून है तो वह केवल मंदिरों के लिए नहीं हो सकता. आपके जीवन में यदि कोई पारदर्शिता बची है तो रात के 10 से सुबह के 6 बजे तक इसे सभी धार्मिक स्थलों पर लागू करवाइए. वरना न आष्टा के मंदिर से स्पीकर हटेंगे, न किसी और मंदिर से.
आष्टा से उपजा विवाद
दरअसल ये पूरा विवाद आष्टा के एक प्राचीन मंदिर से उपजा. प्रशासन ने यहां से लाउड स्पीकर हटाने का आदेश दिया था. मंदिर समिति का आरोप है कि प्रशासन की ओर से ये आदेश दिया गया है कि अगर प्रतिबंधित अवधि में लाउडस्पीकर मंदिर में बजा जो उसे जब्त कर लिया जाएगा.
क्या है विवाद की वजह ?
आष्टा की हिंदू उत्सव समिति की ओर से सीएम कमलनाथ को एक चिट्ठी लिखी गई है. इसमें कहा गया है कि प्रशासन ने प्राचीन शंकर मंदिर आष्टा के पंडित हेमंत गिरी और समिति सदस्यों को तहसील कार्यालय बुलाकर चेतावनी दी है. हमसे कहा गया कि हमें ऊपर से शासन का आदेश आया है कि मंदिर में लाऊडस्पीकर नहीं बजेगा, अन्यथा उसे जब्त कर लिया जाएगा. समिति की ओर से कहा गया है कि मंदिर में सुबह के वक्त भस्म आरती बरसों से होती आ रही है. इस प्रकार अचानक शासन के आदेश की बात कहकर उस परंपरा को बंद कराना कहां तक ठीक है. लिहाजा आदेश को निरस्त कराया जाए. ​
क्या है आदेश ?
मध्य प्रदेश के गृह मंत्रालय की ओर से सभी कलेक्टर और एसपी को एक आदेश जारी किया गया है. इसमें मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के हवाले से कहा गया है कि तय समय में ही लाउड स्पीकर्स चलाए जाएं. और साउंड भी निर्धारित मापडंद के मुताबिक हो. इस संबंध में पहले से जारी दिशा निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि प्रसारण यंत्रों के उपयोग पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाए. नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए.

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