वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया तिथि पर म.प्र शासन के ग्रहमंत्री एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा भगवान परशुराम भगवान विष्णु के अवतार परशुराम जी के चरणों में पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और देश को कोरोना जैसी महामारी से बचाने की कामना की। भगवान परशुराम जी की अक्षय तृतीया के दिन ही इनकी जयंती मनाई जाती है। कलियुग में आज भी ऐसे 8 चिरंजीव देवता और महापुरुष हैं, जो जीवित हैं। इन्हीं 8 चिरंजीवियों में एक भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम भी हैं।
ब्राह्मण कुल में पैदा फिर भी क्षत्रियों जैसा व्यवहार
भगवान राम और परशुराम दोनों ही विष्णु के अवतार हैं। भगवान राम क्षत्रिय कुल में पैदा हुए लेकिन उनका व्यवहार ब्राह्मण जैसा था। वहीं भगवान परशुराम का जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ, लेकिन व्यवहार क्षत्रियों जैसा था। भगवान शिव के परमभक्त परशुराम न्याय के देवता हैं। इन्होंने 21 बार इस धरती को क्षत्रिय विहीन किया था। यही नहीं इनके क्रोध से भगवान गणेश भी नहीं बच पाए थे।

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