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घर मे घुसकर महिला से छेड़छाड़ करने वाले आरोपीगण की जमानत खारिज

सागर। न्यायालय-  श्रीमती वंदना त्रिपाठी  न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी  रहली जिला सागर  के न्यायालय ने  महिला से छेड़छाड़ करने वाले आरोपीगण हल्लेभाई पिता प्यारेलाल गौड़, सतीश पिता बाबूलाल गौड़ एवं जगमोहन पिता मुंशीलाल चढ़ार निवासी पिपरगौर रहली जिला सागर का जमानत का आवेदन निरस्त करने का आदेश दिया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से सहा0 जिला अभियोजन अधिकारी लोकेश दुबे ने शासन का पक्ष रखा।

घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि  फरियादिया द्वारा थाना रहली में रिपोर्ट लेख करायी कि दिनांक 24 अगस्त 2020 को वह अपने घर पर बच्चों के साथ थी, उसका पति भजन करने बाहर गया था। फरियादिया के घर पर  दुकान है उक्त दिनांक को रात करीब 2:00 बजे हल्लेभाई, जगमोहन चढ़ार एवं सतीश गौड़ फरियादिया की दुकान से बीड़ी  खरीदने के लिए आए, फरियादिया ने दरवाजा खोला और बीड़ी दे दी। आरोपीगण अंदर आने लगे तो फरियादी ने अंदर आने से मना किया।  हल्केभाई ने बुरी नियत से उसका हाथ पकड़ लिया और गलत काम करने के लिए कहने लगा और  गंदी गंदी गालियां देते हुए बोला अगर आवाज निकाली तो जान से खत्म कर देंगे। पीड़िता ने  हाथ छुड़ाया तो जगमोहन ने बुरी नियत से उसका हाथ पकड़ लिया।  फरियादिया चिल्लाई तो उसकी बेटी जाग गई और घर के अन्य सदस्यों को बुला लाई,  इतने में उसका पति जो कि बाहर गया था घर पर आ गया जिन्हें देखकर आरोपीगण  जाते-जाते जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए उक्त रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्तगण के विरुद्ध थाना रहली में  प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में  लिया गया। आरोपीगण को  गिरफ्तार किया गया।  आरोपीगण के अधिवक्ता ने  जमानत आवेदन न्यायालय में पेश किया। जहां अभियोजन ने जमानत आवेदन का विरोध करते हुए महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किये।  न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपीगण हल्लेभाई गौड़, सतीश गौड़ एवं जगमोहन चढ़ार  का प्रस्तुत  जमानत हेतु धारा 437 दप्रसं का आवेदन निरस्त किया गया।

 

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