सागर। न्यायालय- श्रीमती नीलू संजीव श्रृंगीऋषि विशेष न्यायाधीश नवम अपर सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट सागर के न्यायालय ने घुमाने का कहकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने वाले आरोपी पुष्पेन्द्र उर्फ अब्बू अहिरवार पिता कुंदनलाल उम्र 21 वर्ष का जमानत का आवेदन को निरस्त करने का आदेश दिया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से वरिष्ठ सहा0 जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन, सागर ने शासन का पक्ष रखा।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रकरण में फरियादिया ने रिपोर्ट दर्ज करायी की मेरी बेटी जो कि नाबालिक है दिनांक 24.09.2020 की सुबह करीब 10ः00 बजे मार्केट में खरीदे हुए कपड़े बदलने का कहकर गई थी। जो अभी तक वापिस नहीं आई है। जिसकी तलाश आस पड़ोस एवं रिश्तेदारों में की जिसका कहीं पता नहीं चला। प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। उदयपुरा पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को 03 लोग होने से रोका तो पीडिता ने बताया कि अब्बू हमें बहला-फुसलाकर घुमाने का कहकर जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बिठाकर पहले राजघाट ले गया फिर वरमान मंदिर पर ले गया जहां 03 तीन दिन रोके रहा था। उदयपुरा पुलिस ने नाबालिग को दस्तायाव किया। आरोपी के विरूद्ध अपराध धारा 354, 363, 506, सहपठित धारा 34 भादवि एवं धारा 7
/8 पाॅक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां अभियोजन ने जमानत आवेदन का विरोध किया एवं तर्क प्रस्तुत किया कि वर्तमान में बालिकाओं के विरूद्ध अपराध बढ़ रहे हैं आरोपी द्वारा किया गया अपराध गंभीर प्रकृति का है माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी पुष्पेन्द्र अहिरवार का प्रस्तुत जमानत हेतु धारा 439 दप्रसं का आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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