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400 किमी से भी दूर फेंक रहे… एमपी में गड़बड़ी करने वाले पुलिसकर्मियों क्यों हो रही ऐसी कार्रवाई?

एमपी में गड़बड़ी करने वाले पुलिसकर्मियों पर अलग तरीके की कार्रवाई हो रही है। गड़बड़ी करने वाले पुलिसकर्मियों का तबादला 400 किमी से भी दूर किया जा रहा है। इस नवाचार की शुरुआत एमपी के डीजीपी ने की है।

 

भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस (MP Police News) में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पुलिस मुख्यालय में तैनात ’तीसरी आंख’ प्रदेश में तैनात हर पुलिसकर्मी पर नजर बनाए हुए है। गड़बड़ी करने वाले पुलिसकर्मी इस तीसरी आंख के शिकार भी हो रहे। दरअसल, डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना ने एक विशेष पहल की है। इस पहल के कई सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही हैं, उन पर सिर्फ निलंबित ही नहीं किया जा रहा है। बल्कि स्थानांतरण कर 800 किलोमीटर दूर पदस्थ किया जा रहा है।

खास बात यह है कि जिन पुलिसकर्मियों पर यह कार्रवाई की गई है, वे अब दूसरे जिलों में भेजे गए हैं। निलंबन अवधि में उन्हें संबंधित जिले की पुलिस लाइन में ही रहना होगा। डीजीपी सुधीर सक्सेना की इस पहल के बाद पुलिसकर्मी किसी भी प्रकार कीं गड़बड़ी करने से डर रहे हैं। क्या पता ’तीसरी आंख’ का शिकार कौन हो जाए।

 

केस: 1

मामला उज्जैन का है, यहां पर 6 अप्रैल को आरक्षक रवि कुशवाहा को लोकायुक्त पुलिस ने घूस लेते पकड़ा था। उसे निलंबित करके सीधी मुख्यालय भेजा गया है। थाना प्रभारी को भी जिम्मेदार मानते हुए थाना प्रभारी चिमनगंज मंडी जितेंद्र भास्कर को पुलिस लाइन अटैच किया गया है।

 

केस: 2

 

28 मार्च को रीवा मे ट्रैफिक सूबेदार दिलीप तिवारी और आरक्षक अमित सिंह को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। इस मामले में डीजीपी सुधीर सक्सेना के आदेश पर दोनों को निलंबित किया गया था। निलंबन के दौरान ही अब दोनों का मुख्यालय परिवर्तन कर सूबेदार दिलीप तोमर को रीवा से शाजापुर और आरक्षक अमित सिंह को रीवा से भिंड भेजा गया है।

 

केस: 3

रीवा में 30 मार्च को रीवा जिले के समान थाना प्रभारी सुनील कुमार गुप्ता और उप निरीक्षक रानू वर्मा के खिलाफ होटल संचालक से पैसा मांगने की शिकायत लोकायुक्त पुलिस को मिली थी। लोकायुक्त को दबिश से पहले दोनों थाना छोड़कर भाग गए थे। डीजीपी के आदेश से अब निरीक्षक सुनील गुप्ता को रीवा से खंडवा और उप निरीक्षक रानू वर्मा को रीवा से टीकमगढ़ स्थानांतरण किया गया है।

 

केस: 4

 

रीवा जिले के मऊगंज के कार्यवाहक एएसआई राजकुमार पाठक को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। डीजीपी के आदेश पर एएसआई को स्थानांतरित कर रीवा से बड़वानी भेजा गया। लोकायुक्त से रिपोर्ट मिलने पर पाठक को निलंबित किया जा चुका है। इस मामले में मऊगंज टीआई को भी लाइन भेजा जा चुका है।

 

इन पर भी की गई कार्रवाई

मुरैना में साइबर सेल में गड़बड़ी करने की शिकायत मिलने पर एसआई सचिन पटेल प्रभारी साइबर सेल पर कार्रवाई की गई। एसआई पटेल को एसएएफ भेजकर धार पदस्थ किया गया। वहीं, आरक्षक सर्वजीत सिंह को मुरैना से अलीराजपुर, रवि पटेल को मंडला, अजीत जाट को बुरहानपुर और प्रशांत नरवरिया को मुरैना से झाबुआ पदस्थ किया गया है।

 

इसी तरह यातायात थाना प्रभारी मुरैना अखिल नागर का थाने में शराब पीते हुए वीडियो प्रकाश में आने पर उन्हें तत्काल निलंबित किया गया। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय परिवर्तित कर मुरैना से खरगोन दिया गया है।

 

पुलिसकर्मियों में खौफ

 

डीजीपी सुधीर सक्सेना के इस नवाचार की काफी चर्चा हो रही है। जनता को उनका यह सख्त रूप पसंद आ रहा है। वहीं, गड़बड़ी करने वाली पुलिसकर्मी भी ’देश भक्ति जन सेवा’ में जुट गए हैं।

 

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