Samvida Seva MP: प्रदेश में लगभग ढाई लाख संविदा कर्मचारी अलग-अलग विभागों में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश, अनुकंपा सहित सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है।
भोपाल -Samvida Seva MP: प्रदेश में संविदाकर्मियों को सौ प्रतिशत वेतन देने के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद वित्त विभाग लेखा-जोखा तैयार करने में जुट गया है। सभी विभागों से पूछा गया है कि कितने संविदाकर्मी किस प्रक्रिया से किस पद के विरुद्ध भर्ती किए गए हैं। इनके समकक्ष कर्मचारियों का न्यूनतम और अधिकतम वेतनमान कितना है और सौ प्रतिशत वेतन देने में कितना अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
यह जानकारी 31 जुलाई तक सभी विभाग प्रमुखों को देनी है ताकि वेतन में संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर कर्मचारियों को लाभ दिया जा सके। उधर, सामान्य प्रशासन विभाग भी सेवा शर्त संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन की तैयारी में जुटा है। प्रदेश में लगभग ढाई लाख संविदा कर्मचारी अलग-अलग विभागों में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश, अनुकंपा सहित सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने नियम में संशोधन भी कर दिया है लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप स्पष्ट प्रविधान न होने से दोबारा संशोधन किया जा रहा है। उधर, वित्त विभाग ने भी सौ प्रतिशत वेतन करने में आने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार का आकलन करने के लिए विभागों से विस्तृत जानकारी मांगी है।
इसमें संविदा पद का नाम, वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी, समकक्ष पद, भर्ती के लिए अर्हताएं, जिस प्रक्रिया से भर्ती हुई और एक अप्रैल 2023 की स्थिति में वेतन के बार में प्रपत्र में जानकारी देनी है। इसके साथ ही जिस योजना या कार्यक्रम में भर्ती हुई है।
उसमें केंद्र और राज्य सरकार का अंशदान, प्रशासनिक व्यय, सौ प्रतिशत वेतनमान देने में अंतर की राशि का ब्योरा भी देना होगा ताकि विभाग यह आकलन कर सके कि घोषणा को पूरा करने के लिए किस विभाग को कितना अतिरिक्त बजट देना होगा। सूत्रों का कहना है कि सितंबर से संविदा कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलना प्रारंभ
हो सकता है।
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