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नए कैडर में अध्यापकों को क्रमोन्नति खोने का डर

नए कैडर में अध्यापकों को क्रमोन्नति खोने का डरभोपाल। स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में संविलियन की मांग पूरी होने के बाद भी प्रदेश के दो लाख 37 हजार अध्यापक खुश नहीं हैं। अध्यापक अब नए कैडर के विरोध में सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें नए कैडर में क्रमोन्नति खोने का डर सता रहा है। इसे लेकर रविवार को अध्यापकों ने मुख्यमंत्री के नाम प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपा है। वे कैबिनेट के फैसले में बदलाव न होने पर आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
अध्यापक संगठनों का आरोप है कि स्कूल शिक्षा विभाग कैबिनेट की बैठक तक संविलियन का जो प्रस्ताव दिखा रहा था, बैठक में वह रखा ही नहीं गया। जो प्रस्ताव रखा गया, वह कभी पहले नहीं दिखाया। मप्र शासकीय अध्यापक संघ के संयोजक उपेंद्र कौशल का कहना है कि नई सेवा और कैडर में जाने पर पुरानी सुविधाएं छिन जाएंगी और पुरानी सेवा अवधि का लाभ भी नहीं मिलेगा।
वे कहते हैं कि सबसे बड़ा नुकसान क्रमोन्न्ति का होगा। जो अध्यापक वर्ष 1998 में नियुक्त हुए हैं। वे इसी साल क्रमोन्नति के हकदार हो रहे हैं। अब नई सेवा में इन्हें फिर से नियुक्ति दी जाएगी, जो नई नियुक्ति कहलाएगी। इस वजह से 20 साल की सेवा और उसका लाभ खत्म हो जाएगा।
15 साल का अंतर, फिर भी एक जैसे
नई सेवा में जाने से पुराने अध्यापकों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। इसी संघ के अध्यक्ष आरिफ अंजुम कहते हैं कि नए कैडर में आते ही वर्ष 1998 और 2013 में इस संवर्ग में आए अध्यापकों में अंतर खत्म हो जाएगा। सभी की उस दिन से नई सेवा मानी जाएगी, जिस दिन सरकार हमें नए संवर्ग में शामिल करेगी। इसलिए 12 साल में मिलने वाला समयमान वेतनमान का लाभ भी नहीं मिलेगा। सरकार ने अप्रैल 2007 में अध्यापक संवर्ग का गठन किया है। वर्ष 1998 और उससे पहले से नियुक्त कर्मचारियों को 2007 में अध्यापक संवर्ग मिला था। अब फिर नई नियुक्ति की जा रही है। जबकि मुख्यमंत्री ने कहा था कि अब अलग-अलग संवर्ग नहीं होंगे।
सरकार ने विश्वास में ठग लिया 
राज्य अध्यापक संघ के अध्यक्ष जगदीश यादव कहते हैं कि सरकार ने विश्वास में लेकर ठग लिया है। नई सेवा में आते ही हमारी वरिष्ठता खत्म हो जाएगी। जिससे वरिष्ठता पर मिलने वाला लाभ नहीं मिल पाएगा। वहीं सातवें वेतनमान में भी सरकार ने धोखा किया है। हमें एक जनवरी 2016 की बजाय एक जुलाई 2018 से सातवां वेतनमान देने का फैसला हुआ है। यानी ढाई साल के एरियर्स का सीधा नुकसान है। यादव ने बताया कि बुधवार को राजधानी में संघ पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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