पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली –पंजाब की तर्ज पर कांग्रेस अब मध्य प्रदेश में भी अपने पुराने चेहरों और नेताओं के बूते ही चुनाव लड़ेगी। पार्टी के शीर्ष स्तर पर इसके लिए सहमति बनने लगी है। इसके तहत पार्टी अब प्रदेश में अच्छी और मजबूत पकड़ रखने वाले वरिष्ठ नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की जोड़ी को साथ- साथ मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि इसकी घोषणा भी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा के बाद जल्द कर दी जाएगी।
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी के भीतर इस पूरी रणनीति पर चर्चा हो चुकी है।हालांकि इसकी शुरुआत हाल ही में पंजाब के शपथ ग्रहण समारोह से शुरु हुई। जिसमें पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे थे। सूत्रों की मानें तो इस चर्चा में राहुल गांधी के करीबी और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी मौजूद थे।
इस दौरान उनकी मदद लेने पर भी पार्टी नेताओं में सहमति दिखाई दी। साथ ही माना कि पार्टी की भलाई नेताओं की एकजुटता में ही है। वहीं आने वाले सालों में पार्टी जिन राज्यों में जीत की संभावना के तौर पर देख रही है,उनमें मध्य प्रदेश भी एक है। यहां भी पंजाब की तरह पिछले करीब 15 सालों से कांग्रेस सत्ता से दूर है। पार्टी नेताओं की मानें तो सही रणनीति और एकजुटता से यदि मध्य प्रदेश में चुनाव लड़ा जाए, तो जीत तय है।
बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी खेमें में बंटी है।फिलहाल प्रदेश में जिन बड़े चेहरों का नाम लिया जाता है,उनमें कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह प्रमुख रुप से शामिल है। इसके अलावा भी सुरेश पचौरी की भी गितनी एक गुट के तौर पर की जाती है।
रणनीति: मैदान में उतारने से पहले कमलनाथ-सिधियां की भूमिकाएं होगी तय
पार्टी सूत्रों की मानें तो फिलहाल जिस रणनीति पर काम किया जा रहा है, उसके तहत कमलनाथ और सिधिंया की जोड़ी को मैदान में उतारने से पहले ही दोनों ही भूमिकाएं तय की जाए, ताकि गुजबाजी का कोई मौका न मिले।साथ ही जिन नेताओं को जिस काम में लगाया जाए,उनकी जिम्मेदारी भी तय की जाए। इस सब के बीच पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि मध्य प्रदेश में पार्टी को जिसे भी जिम्मेदारी देना हो, बस उसे समय पर दे दी जाए। ज्यादा देरी की गई, तो ठीक नहीं होगा।
Manthan News Just another WordPress site
