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गृहमंत्री मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने किया ग्वालियर में DNA लैब का शुभारंभ।

ग्वालियर. 14 जनवरी 2023 शनिवार 

ग्वालियर-चंबल अंचल को DNA लैब के रूप में एक बड़ी सौगात मिली है। अब DNA टेस्ट के लिए सैंपल सागर लैब भेजने नहीं पड़ेंगी। दुष्कर्म, हत्या जैसे गंभीर मामलों से जुड़े DNA सैंपल की जांच ग्वालियर की रीजनल फोरेंसिक साइंस लैब में ही हो सकेगी। हर माह एक सैकड़ा जांच यहां हो सकेंगी। इसका फायदा ग्वालियर के साथ-साथ ग्वालियर-चंबल अंचल के अन्य शहरों को भी मिलेगा। शनिवार को प्रदेश के गृहमंत्री ने रीजनल फोरेंसिक साइंस लैब में DNA लैब का शुभारंभ किया। इस मौके पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि यह DNA लैब अपराधियों तक पहुंचने, अपराधियों को पकड़ने और सजा दिलाने के साथ ही पीड़ित को न्याय दिलाने में कारगर होगी।

पूरे अंचल से DNA सैंपल सागर फोरेंसिक लैब भेजे जाते थे
ग्वालियर में काफी समय से एक DNA लैब की मांग की जा रही थी। लगातार बढ़ते दुष्कर्म व अन्य गंभीर अपराधों में DNA टेस्ट निर्णायक साबित होता है, लेकिन ग्वालियर में लैब न होने के कारण ग्वालियर सहित पूरे अंचल से DNA सैंपल सागर फोरेंसिक लैब भेजे जाते थे। पूरे प्रदेश से वहां सैंपल आते हैं ऐसे में एक-एक रिपोर्ट आने में 5 से 6 महीने का समय लग जाता था। देरी से रिपोर्ट आने पर कई बार अपराधी को कोर्ट से उसका फायदा मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ग्वालियर की RFSL (रीजनल फोरेंसिक साइंस लैब) में शनिवार को DNA लैब का शुभारंभ हो गया है। DNA लैब का शुभारंभ प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा व सांसद ग्वालियर विवेक नारायण शेजवलकर ने किया है। इस मौके पर गृहमंत्री मिश्र ने कहा है कि यह लैब अपराधियों तक पहुंचने और उन्हें सजा दिलाने में काफी अहम होने वाली है।

हर माह 100 मामले DNA रिपोर्ट के हो सकेंगे
यहां गृहमंत्री मिश्र ने कहा कि DNA लैब बनने के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल को फायदा होगा। हर माह 100 और साल में 1200 से 1500 मामले DNA रिपोर्ट के हो सकेंगे। अब ग्वालियर में DNA लैब खुलने से ग्वालियर-चंबल अंचल को फायदा होगा। DNA टेस्ट की रिपोर्ट जल्द मिलेगी जिससे कोर्ट में आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी।

अब जबलपुर, रीवा व रतलाम में खुलेगी लैब
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्राा का कहना है कि यह प्रदेश में चौथी DNA लैब है। इसके बाद कुछ ही दिन में जबलपुर में DNA लैब खोलने जा रहे हैं। इसके बाद रीवा फिर रतलाम में लैब खोली जाएगी। जिसके बाद सागर लैब पर लोड काफी कम हो जाएगा। प्रदेश सरकार का लक्ष्य अपराधियों को कड़ी सजा दिलाना है और पीड़ित को समय पर न्याय दिलाना है।

करीब 15 दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी
ग्वालियर में लैब बनने से अब दुष्कर्म के मामले की जांच के लिए DNA सैंपल सागर लैब भेजा जाता था। वहां पर अधिक मामले होने से करीब एक साल से ज्यादा की पेडेंसी चल रही है। अब ग्वालियर में लैब होने से दुष्कर्म के मामलों के DNA टेस्ट की जांच ग्वालियर में ही हो सकेगी। करीब 15 दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। जिससे समय रहते मामलों में जांच और कार्रवाई होने से मामलों का निबटारा हो सकेगा और पीड़ित को जल्द न्याय मिलेगा।

5 करोड़ है लागत
ग्वालियर में शुरू हो रही DNA लैब को शुरू करने में पांच करोड रुपए की लागत आई है। जिसमें दो करोड़ रुपए का जेमेटिक एनालाइजर मशीन है और 45-45 लाख रुपए की दो आरटीपीसीआर मशीन के साथ ही सात-सात लाख की तीन पीसीआर मशीन और अन्य मशीने है।

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