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धूम धाम से मना एनएसएस का स्थापना दिवस

भिण्डSep 24, 2023

स्थनीय शास. उ. उ. मा. विद्यालय क्र.01 में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस समारोह का धूम धाम से आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम अतिथियों ने स्वामी विवेकानन्द और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
तत्पश्चात कार्यक्रम अधिकारी श्री धीरज सिंह गुर्जर ने स्वागत भाषण दिया और अतिथियों का तिलक एवं एनएसएस बैच लगाकर स्वागत किया।

इस दौरान छात्राओं ने एनएसएस लक्ष्य गीत एवं स्वागत गीत की प्रस्तुती दी एवं अन्य छात्र छात्राओं ने नृत्य, वादन, गायन, नाटक जैसे कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
तत्पश्चात उद्बोधन श्रंखला का आयोजन हुआ जिसमे _

विशिष्ट अतिथि डॉ. उमा शर्मा जी ने सेवा, पर्यावरण, देश सेवा के विषय में छात्रों से चर्चा की साथ ही स्वंयसेवकों से देश ने लिए समर्पित रहने का आवाहन किया उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से स्वायमसेवको को प्रोत्साहित किया।

विशिष्ट अतिथि एवं राज्यपाल पुरुस्कार प्राप्त, पर्वतारोही वरिष्ठ स्वयंसेवक धर्मेन्द्र सिंह तोमर ने “रा.से.यों के विषय में बताया कि- रा.से.यो. स्वयंसेवक के व्यक्तित्व का निर्माण कर समाज को सच्चे सेवक प्रदान करती है। सभी स्वयंसेवक जीवन में वह सब हासिल कर सकते है जिसके लिए वे बने है बशर्ते मेहनत करते रहे सफलता कोई शार्ट-कट नहीं है”

• कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रा से यो के जिला संगठक एवं प्रो. डॉ. आर- ए. शर्मा ने बताया कि “रा.से.यो. स्वयंसेवक में आन्तरिक स्वच्छता; के रूप में मन को सकारात्मक बनाए रखने का कार्य कर उसमें सदचरित का निर्माण करता है। तथा बाहरी स्वच्छता के रूप में देश को स्वच्छ बनाकर महात्मा गांधी के सपने को साकार कर रही है। साथ ही जीवन को अनुशासित बनाए रखने का कार्य एनएसएस करती है । डॉ. साहब ने स्वयंसेवको को पढाई के साथ जिले में प्रेरक स्वरूप सकारात्मक कार्य करते रहने का आवाहन किया।”

विशिष्ट अतिथि शिक्षक श्री भूपेन्द्र जी ने बताया स्वंयसेवकों को राष्ट्रीय एकता और अखण्डता को बनाये रखते हुये समाज को जोड़कर रखने का कार्य करना है। समाज में विभाजन की खाई को पाटना है”

विशिष्ट अतिथि श्री कौशलेन्द्र सिंह ‘कौशल’ (कवि) ने कविताओं के माध्यम से बेटियों का आवाहन किया और समाज उत्थान का संदेश दिया

अन्य मुख्य अतिथि डॉ. शैलेन्द्र सिंह परिहार ने स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन देते हुए बताया कि सभी स्वयंसेवको को एनएसएस के प्रेरणा पुरुष स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेकर उनके जैसा युग पुरुष बनना है । डॉ. साहब ने आगे बताया कि स्वयं को धीरे-धीरे आगे बढ़ाते चलना है और स्वम् को रोल मॉडल के रूप में समाज में स्थापित करना है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. ज्योति परिहार ने बताया; शिक्षा को व्यवहारिक रूप से धरातल पर प्रयोग करने का मंच रा० से० मो० ने प्रदान किया है। उन्होंने आगे कहा कि सभी स्वयंसेवकों का अनुशासन देखकर एवं उनसे मिलकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है। उन्होंने बच्चो से पढ़ाई में खूब मन लगाने की बात भी कही।

अंत में प्राचार्य – श्री सतेन्द्र सिंह कुशवाह ने स्वयंसेवकों से कहा कि उन्हें राष्ट्रीय सेवा को वास्तविक बनाने के लिए धरातल पर कार्य करते रहना होगा, हमें क्रेडिट लेने के पीछे भागने के बजाय पीछे रहकर वास्तविक कार्य कर दूसरो को क्रेडिट देना चाहिए यही राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्येय वाक्य भी है। उन्होने आगे कहा कि स्वयंसेवक अपने लक्ष्य के प्रति सदैव समर्पित रहे। कार्यक्रम का आभार भी प्राचार्य जी के द्वारा किया गया।”

इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कार्यक्रम अधिकारी श्री धीरज सिंह गुर्जर द्वारा सभी अतिथियों को तुलसी का पौधा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी विशेष उपलब्धि प्राप्त कर चुके स्वयंसेवकों एवं कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले स्वयंसेवकों को मेडल पहनाकर प्रोत्साहित किया गया।
इस दौरान कुल 3 सैंकड़ा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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