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म.प्र सरकार छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन देना ही नहीं चाहती

भोपाल। प्रदेश की कमलनाथ सरकार अधिकारियों के तबादलों पर तो करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन नियमित रूप से कॉलेज जाने वाले प्रथम वर्ष के छात्रों को स्मार्ट फोन देने के लिए पैसों की तंगी का बहाना बना रही है। सूचना प्रोद्योगिकी के इस दौर में युवाओं को स्मार्टफोन से वंचित करके कमलनाथ सरकार उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। यह बात भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अभिलाष पाण्डे ने इस योजना से संबंधित प्रस्ताव के वित्त विभाग में लंबित होने से संबंधित समाचारों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।

श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी सरकार ने स्मार्टफोन देकर प्रोत्साहित करने के लिए योजना लागू की थी। लेकिन खुद की पैदा की हुई आर्थिक तंगी से जूझ रही कांग्रेस सरकार इस योजना को पलीता लगाने की तैयारी कर रही है। श्री पांडेय ने कहा कि वित्त विभाग में छह माह से छात्र-छात्रों को स्मार्टफोन देने की फाइल अटकी है, जबकि कॉलेज खुल गए हैं और नया शिक्षा सत्र शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में कमलनाथ सरकार छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन देना ही नहीं चाहती है। 
श्री पांडेय ने कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार हर मोर्चे पर फ्लाप साबित हुई है। इस सरकार ने न तो प्रदेश के किसानों के कर्ज माफ किया है, न ही बेरोजगारों को भत्ता दिये जाने की घोषणा पर अमल किया है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार तबादला उद्योग में व्यस्त है और शासन-प्रशासन पर ध्यान न दिए जाने के कारण प्रदेश में अराजकता का माहौल बन गया है।

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