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चोरी करने के बाद चोर ने लिखी चिट्ठी, ' मैं पछता रहा हूं, माफ कर दीजिए'

मंथन न्यूज भोपाल. एमपी के भोपाल शहर में चोर द्वारा वारदात को अंजाम देने के बाद चिट्‌ठी लिखकर अपनी गलती मानने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं चोरी गए जेवर के बदले वैसे ही नकली गहने (सोने का पालिश चढ़े) वह वापिस कर गया, जो असली जैसे ही हैं।
– चिट्ठी में चोर ने लिखा है कि  “मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है। जो मैंने आपके घर में चोरी करी। मुझे किसी ने चोरी करने को कहा था। जिस पर आपको सबसे ज्यादा भरोसा है, यह वही शख्स है। मैं ऐसा नहीं करना चाहता था। लेकिन मेरी मजबूरी थी, जो ऐसा करना पड़ा। आप परेशान न हों, मैं जल्द ही आपका सारा सामान लौटा दूंगा। अपने किए पर मैं पछता रहा हूं, मुझे माफ कर दीजिए।” 
-जिस व्यक्ति के घर चोरी हुई उसका नाम शाकिर खान है और वह अपने परिवार के साथ बाणगंगा बस्ती में रहता है।
-शाकिर ने बताया कि 29 जनवरी 2017 को जब उनके घर पर कोई नहीं था तो दोपहर में चोरी हो गई। मामले की  एफआईआर तत्काल टीटी नगर थाने में लिखाई।
 
एक चिट्ठी मिली, जो वारदात करने वाले चोर ने लिखी
-अभी इन्वेस्टिगेशन भी शुरू नहीं हुई थी कि घटना के तीसरे दिन ही उन्हें घर के बाहर एक चिट्ठी मिली, जो वारदात करने वाले चोर ने लिखी थी।
-इसके कुछ दिन बाद घर के बाहर दो अंगूठी व नाक की लोंग रखी मिलीं। फिर कुछ दिन बाद चार चूड़ियां और कान की बूंदे बाहर बरामदे में मिल गए। लेकिन यह सभी जेवर नकली निकले। इन पर सोने का पानी चढ़ा है।
-जब यह सारी बात पुलिस को बताई गई तो पीड़ित परिवार को जवाब मिला कि हो सकता है कि बाकी चीजें भी चोर लौटा दे। लेकिन इस घटना को अब तक पांच महीने बीत गए हैं। न चोरी का सामान मिला और न ही चोर का पता चला।
-पीड़ित दंपत्ति ने इस मामले में अपने दो पड़ोसियों पर शक जताया है, क्योंकि पड़ोसियों को ही पता था कि इनके जेवर घर में कहां रखे हुए हैं।
-कई बार पीड़ित ने अपने जेवर व पैसे पड़ोसियों के सामने अलमारी में रखे थे। संदेह की दूसरी वजह यह भी है कि शाकिर अली का मकान जिस गली में है, वहां दिन में पड़ोसियों की नजर से बचकर कोई भी घर तक नहीं पहुंच सकता है।                           
 
पुलिस नहीं खोल पाई ताला
-पीड़ित दंपत्ति ने बताया कि उनके यहां लगाया गया ताला उच्च तकनीक से बना है और एक विशेष प्रकार से ही खोला जा सकता है।
-चोरी के बाद जब पुलिस आई थी तो वह भी ताला नहीं खोल पाई। लेकिन अंजान चोर ने दिन-दहाड़े बड़े आराम से ताला खाेला और बिना कोई सामान बिखराए सीधे अलमारी तोड़ी और लॉकर से जेवर निकाल ले गया।
-पीड़ित पक्ष ने बताया कि ताला खोलने की तकनीक उनके एक पड़ोसी ने एक बार पूछी थी। लेकिन पुलिस इस बात को भी नजरअंदाज कर रही है।
 
भ्रमित कर रहा है चोर
चोरी के बाद से ही चोर कभी चिट्ठी लिखता है तो कभी पीतल के जेवरों पर सोने का पानी चढ़ाकर वापिस कर जाता है। चोर की कोशिश है कि पुलिस भ्रमित हो जाए। ऐसे में हमारे सामने चुनौती बढ़ जाती है। पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों पर शक किया, उनके बयान भी कर लिए हैं। लेकिन जिनके ऊपर आरोप लगाया है वे नाबालिग हैं। इसलिए हमें जांच में समय लग रहा है। इस मामले की सतत छानबीन चल रही है।  
अखिलेश त्रिपाठी, एएसआई एवं विवेचना अधिकारी, थाना टीटी नगर
 
हम थाने जाएं तो बदसलूकी करते हैं
हमारे घर चोरी हुई है और पूरी कमाई चोर ले गया। इस कारण बार-बार थाने जाते हैं। पहले थाने की पुलिस अच्छे से बात करती थी, लेकिन अब पुलिसकर्मी बदसलूकी करने लगे हैं। जिन लोगों पर हमने शक जताया, उनको बड़े प्रेमपूर्वक चैंबर में बैठाकर रवाना कर देते हैं। अब हम अपनी फरियाद लेकर आखिर कहां जाएं?  
शाकिर खान (पति) व शमीम खान (पत्नी), पीड़ित

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