पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली –गोरक्षा के नाम पर आए दिन हो रहे बवाल, मारपीट, फसाद का समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार अब गायों व उनके बछड़ों को जीपीएस से जुड़ा आधार जैसा यूनिक नंबर देने पर विचार कर रही है।
यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में पशु तस्करी से जुड़े एक मामले में केंद्र सरकार की रिपोर्ट से मिली। सरकार ने बताया कि वह यूआईडी जैसी व्यवस्था के जरिए गायों पर नजर रखना चाहती है। इससे गाय की नस्ल, उम्र, रंग समेत तमाम चीजों का रिकॉर्ड व ध्यान रखा जा सकेगा।
यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में पशु तस्करी से जुड़े एक मामले में केंद्र सरकार की रिपोर्ट से मिली। सरकार ने बताया कि वह यूआईडी जैसी व्यवस्था के जरिए गायों पर नजर रखना चाहती है। इससे गाय की नस्ल, उम्र, रंग समेत तमाम चीजों का रिकॉर्ड व ध्यान रखा जा सकेगा।
गृह मंत्रालय इस बारे में अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंप चुका है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत और बांग्लादेश की सीमा पर बड़े पैमाने पर पशुओं की तस्करी हो रही है।
सरकार के मुताबिक, पशुओं की हिफाजत और देख-रेख के मुद्दे पर संयुक्त सचिव की अगुआई में एक कमेटी का गठन किया गया, जिसने कुछ खास सिफारिशें की हैं।सुरक्षा और देखरेख का जिम्मा राज्य सरकार काअपनी रिपोर्ट में केंद्र ने कहा है कि आवारा पशुओं की सुरक्षा और देखरेख का जिम्मा राज्य सरकार का है।
एक अन्य सिफारिश के मुताबिक, हर जिले में कम से कम 500 पशुओं की क्षमता वाला संरक्षण गृह होना चाहिए। इससे पशुओं की तस्करी में कमी आएगी। केंद्र ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि देश की हर गाय और उसके बछड़े को ट्रैक करने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर होना चाहिए।
पशुओं के दूध देने की उम्र खत्म होने के बाद उनकी सेहत पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत भी बताई गई है।
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