Breaking News

अखिलेश सरकार की योजनाओं पर योगी आदित्‍य नाथ के तेवर सख्‍त, समाजवादी पेंशन योजना रोकी, कई के बदले नाम

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ –उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सपा सरकार की योजनाओं पर सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुतिकरण दिया। इसके बाद योगी ने सपा सरकार द्वारा चलाई जा रही समाजवादी पेंशन योजना को रोकने के निर्देश दिए और कई योजनाओं के नाम बदलने का भी आदेश दिया। समाज कल्याण विभाग के मंगलवार देर रात के प्रस्तुतीकरण के दौरान उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाए कि जिन लोगों को लाभ मिल रहा है और वे इसके पात्र हैं या नहीं? योगी ने कहा कि योजना का लाभ सिर्फ पात्रों को ही दिया जाए। उन्होंने इस जांच को एक महीने में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। समाज कल्याण द्वारा संचालित योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री पेंशन योजना करने का प्रस्ताव प्रस्तुतिकरण के दौरान दिया गया।

मुख्यमंत्री ने इसके तहत अति दलित जैसे-मुसहर, नट, कंजड़ आदि तथा बनटांगियां समुदाय के व्यक्तियों को शामिल करते हुए उन्हें लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं वृद्घावस्था, किसान पेंशन योजना, राज्य पेंशन योजना इत्यादि के विषय में जानकारी प्राप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने विधवा, दिव्यांगजन और वृद्घावस्था पेंशन के तहत उपलब्ध कराई जा रही 500 रुपये प्रतिमाह की धनराशि को दोगुना करने के संबंध में गहन समीक्षा करने के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
योगी ने अनुसूचित जाति की लड़कियों की शादी के लिए अनुदान योजना के तहत पात्रता के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस योजना को सामूहिक विवाह योजना के रूप में लागू किए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि इसका नाम कन्यादान योजना रखा जाए।
योगी ने 100 दिन के लिए तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौजूद वृद्घाश्रमों की व्यवस्था ठीक की जाए। जहां पर परिवार मौजूद हैं, वहां मां-बाप को पेंशन योजना के तहत लाभान्वित किया जाए, ताकि वे परिवार के साथ ही रह सकें और उन्हें वृद्घाश्रम जाने की जरूरत न पड़े। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति असहाय हैं, उन्हें वृद्घाश्रम में रखा जाए। उनका सत्यापन भी किया जाए। उन्होंने मठ, मंदिरों में रहकर संस्कृत सीखने वाले विद्यार्थियों के लिए भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

Check Also

वर्ष 2026 में 238 दिन खुले रहेंगे सरकारी कार्यालय, 127 दिन बंद

🔊 Listen to this वर्ष 2026 में 238 दिन खुले रहेंगे सरकारी कार्यालय, 127 दिन …