भोपाल। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से 6वीं बार विधायक बने केपी सिंह ने उस घटनाक्रम का खुलासा कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि कांग्रेस के असंतुष्ट विधायक, कमलनाथ सरकार गिराने जा रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि पांच-दस लोगों के मन में आक्रोश था लेकिन मुझे लगा सरकार गिराने में कोई औचित्य नहीं है। मैने सबको समझाया।
विधायक केपी सिंह भौंती में कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि दो-दो बार चुनाव जीतकर आए 22 विधायकों को मंत्री बना दिए है। जबकि 4 से 5 बार चुनाव जीतने वालों को छोड़ दिया है। केपी सिंह ने यहां तक कहा कि जिन लोगों को छोड़ दिए, स्वभाविक है उनको भी बुरा लगा होगा। बात सरकार गिराने तक की चल रही थी। लेकिन मैने उनको समझाया।
मंत्री मंडल में जगह नहीं मिलने को लेकर विधायक केपी सिंह बोले कि उन्हें इस बात का दो दिन पहले ही आभास हो गया था। इसलिए 24 तारीख की रात करारखेड़ा निकल आए। लोगों के फोन आ रहे थे। एक-एक को समझाना मुश्किल हो रहा था। इसलिए अपना फोन बंद कर लिया और ग्वालियर निकल आया लेकिन यहां भी लोग आने लगे। इसलिए ग्वालियर से भी चला गया।
केपी सिंह ने कहा कि एक-एक कार्यकर्ता 15 साल से इंतजार कर रहा था कि सरकार कब बनेगी। जैसे तैसे सरकार बनी तो दाे बार जीतने वाले को मंत्री बना दिया। हमारी क्या गलती थी, हम भी चुनाव जीतकर आए थे। हम पांच-दस लोगों के मन में भी आक्रोश था। जैसे तैसे सरकार बनी। मुझे लगा सरकार गिराने में कोई औचित्य नहीं है।
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