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मप्र विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को अदालत में चुनौती देने के लिए भाजपा विशेषज्ञों से सलाह लेगी: भार्गव

भोपाल, नौ जनवरी (भाषा) मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव ने बुधवार को कहा कि मंगलवार को हुए प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को अदालत में चुनौती देने के लिए उनकी पार्टी विशेषज्ञों से सलाह लेगी। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को अदालत में चुनौती देगी, तो इस पर भार्गव ने मीडिया को बताया, ‘‘हम कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेंगे। जल्दी विधानसभा की (उस दिन की) कार्यवाही निकलवाएंगे।’’ उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा उस दिन विधानसभाभोपाल, नौ जनवरी (भाषा) मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव ने बुधवार को कहा कि मंगलवार को हुए प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को अदालत में चुनौती देने के लिए उनकी पार्टी विशेषज्ञों से सलाह लेगी। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को अदालत में चुनौती देगी, तो इस पर भार्गव ने मीडिया को बताया, ‘‘हम कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेंगे। जल्दी विधानसभा की (उस दिन की) कार्यवाही निकलवाएंगे।’’ उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा उस दिन विधानसभा कार्यवाही के दौरान विभिन्न मीडिया कर्मियों के भी प्रेस गैलरी में कैमरे लगे हुए थे। उनसे हम सारी आडियो-वीडियो रिकार्डिंग निकलवाएंगे, ताकि उन्हें सबूत के तौर पर अदालत में पेश किया जा सके। भार्गव ने बताया कि यह सत्तापक्ष की जिम्मेदारी होती है कि सुचारू रूप से सदन बिना कटुता के चले। लेकिन कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेसनीत सरकार पहले ही दिन से अड़ियल रूप में है। उन्होंने कहा कि कल सदन में प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना ने विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए कांग्रेस उम्मीदवार नर्मदा प्रसाद प्रजापति के नाम के चार प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दी, लेकिन भाजपा उम्मीदवार कुंवर विजय शाह के प्रस्ताव को पेश करने की अनुमति नहीं दी। भार्गव ने बताया कि प्रोटेम स्पीकर को पांचों प्रस्ताव पेश करने की अनुमति देनी चाहिए थी। दो लोगों (प्रजापति एवं शाह) के बीच में अध्यक्ष का चुनाव होना था। मतदान करवा लेते। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस एवं भाजपा उम्मीदवारों के बीच मतदान कर निर्वाचन कराना उनके (कांग्रेस) लिए डर था। इसलिए उन्होंने हमारे प्रत्याशी का प्रस्ताव पेश नहीं होने दिया, ताकि मतदान की नौबत ही न आये। मालूम हो कि कांग्रेस विधायक नर्मदा प्रसाद प्रजापति मंगलवार को मध्य प्रदेश की 15वीं विधानसभा के अध्यक्ष चुने गये। प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना द्वारा विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए दैनिक कार्य सूची में शामिल मुख्य विपक्षी दल भाजपा के उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव पेश करने को अनुमति न देने को लेकर भाजपा द्वारा किये गये बहिर्गमन के बीच प्रजापति इस पद के लिये चुने गए। भाजपा ने कहा कि जिस तरह से अध्यक्ष का निर्वाचन हुआ, वह लोकतंत्र की हत्या है, जबकि कांग्रेस ने इसे नियम के अनुरूप बताया। भार्गव ने बताया कि उनकी पार्टी ने मध्य प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष पद के लिए अपने विधायक जगदीश देवड़ा को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने भी इस पद के लिए अपने प्रत्याशी हिना कांवरे को पहले ही घोषित कर लिया है। इससे कल सदन में उपाध्यक्ष निर्वाचन पर भी हंगामा हो सकता है

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