भोपाल। बारिश का बना सिस्टम शिफ्ट होने के चलते मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में इस समय बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। वहीं कुछ जगहों पर रविवार की सुबह भी बादल छाए हुए हैं।
इससे पहले राज्य में सुबह से शाम तक आसमान पर दिन भर छाए रहे, लेकिन बरसे नहीं। लेकिन इससे पहले मध्यप्रदेश के एक जिले में बारिश के चलते सड़क पर नाव तक चल गई।वहीं अब मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में बारिश का बना सिस्टम उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गया है, जिसके चलते राज्य में बारिश का दौर कमजोर पड़ा है। वहीं जानकारों का मानना है एक बार फिर सिस्टम बनने पर मध्यप्रदेश के आसमान में फिर बादल छा जाएंगे, जिसके बाद प्रदेश में मूसलाधार बारिश की संभावना है।
सड़क पर चली नाव…
वहीं इससे पहले शनिवार को मध्यप्रदेश के जिले सीहोर जिले की अमलाहा से भाऊखेड़ी जाने वाली करीब 17 किमी सड़क पर नाव चलने का नजारा देखने को मिला।
वहीं इससे पहले शनिवार को मध्यप्रदेश के जिले सीहोर जिले की अमलाहा से भाऊखेड़ी जाने वाली करीब 17 किमी सड़क पर नाव चलने का नजारा देखने को मिला।
दरअसल यहां कि खस्ताहाल सड़क पर भरे पानी में इछावर विधायक जिले की एक खस्ताहाल सड़क में बारिश के चलते इतना पानी भर गया था कि यहां से गाड़ियां निकलना तक मुश्किल हो गया। जिसके बाद इस सड़क पर विधायक सहित और लोगों ने नाव चलाई।
वहीं क्षेत्र में खस्ताहाल सड़क की समस्या दूर नहीं होने पर विधायक ने मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री के लिए जिला प्रशासन को पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि या तो समय रहते सड़क सुधरवा दी जाए नहीं तो यहां से आवागमन के लिए नियमित नाव चलाई जाए।
जानकारी के अनुसार अमलाहा से भाऊखेड़ी जाने वाली करीब 17 किमी सड़क पूरी तरह से उधड़कर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इससे आवाजाही करना किसी खतरे से खाली नहीं है। वाहन चालक इस मार्ग से निकलते हैं, तो उनमें भय का माहौल बना रहता है। वहीं इसके बावजूद परेशानी के बीच सफर करना पड़ता है। वहीं ऐसे में अब जब बारिश का मौसम शुरू हो गया तो कई जगह बड़े गड्ढों में पानी भरने से यह सड़क मिनी तलैया का रूप ले चुकी हैं।
इसके कारण बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में इससे वाहन ले जाना और खतरनाक हो गया है। क्योंकि पानी में पता ही नहीं चलता कि कहां बड़ा गड्ढा है, जिसके कारण यहां दुघर्टना का भय बना रहता है।
अब ऐसा बना हुआ है मौसम…
वहीं दूसरी तरफ रविवार की सुबह से राजधानी सहित राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए है जिसके चलते मौसम राहत भरा है। वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार के पूर्वी हिस्से में बन रहे सिस्टम के चलते आगामी दो से तीन दिन बाद राज्य में बारिश का क्रम फिर शुरू हो सकता है।
वहीं दूसरी तरफ रविवार की सुबह से राजधानी सहित राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए है जिसके चलते मौसम राहत भरा है। वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार के पूर्वी हिस्से में बन रहे सिस्टम के चलते आगामी दो से तीन दिन बाद राज्य में बारिश का क्रम फिर शुरू हो सकता है।
6 दिनों का मौसम पूर्वानुमान…
– 30 जुलाई यानि सोमवार को बारिश, हल्की बौछार या धूल की संभावना के साथ ही आसमान पर बादलों की आवजाही बनी रहेगी।
– 31 जुलाई यानि मंगलवार को आसमान साफ़ रहने की संभावना है, जिसके चलते उमस में बढ़ौतरी हो सकती है।
– 01 अगस्त यानि बुधवार को भी राजधानी के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन वे भी आवाजही करते दिखेंगे।
– 02 अगस्त यानि गुरुवार को आंशिक रूप से बादल आसमान में छाए रहेंगे, लेकिन तापमान में वृद्धि होने की संभावना है।
– 03 अगस्त को यानि शुक्रवार आसमान साफ़ रहने का अंदेशा है, इस दौरान लोगों को चुभती गर्मी का एहसास हो सकता है।
– 04 अगस्त यानि शनिवार को भी मौसम काफी हद तक मौसम शुक्रवार के ही समान रहेगा। यानि इस दौरान साफ़ आसमान दिखेगा।
– 30 जुलाई यानि सोमवार को बारिश, हल्की बौछार या धूल की संभावना के साथ ही आसमान पर बादलों की आवजाही बनी रहेगी।
– 31 जुलाई यानि मंगलवार को आसमान साफ़ रहने की संभावना है, जिसके चलते उमस में बढ़ौतरी हो सकती है।
– 01 अगस्त यानि बुधवार को भी राजधानी के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन वे भी आवाजही करते दिखेंगे।
– 02 अगस्त यानि गुरुवार को आंशिक रूप से बादल आसमान में छाए रहेंगे, लेकिन तापमान में वृद्धि होने की संभावना है।
– 03 अगस्त को यानि शुक्रवार आसमान साफ़ रहने का अंदेशा है, इस दौरान लोगों को चुभती गर्मी का एहसास हो सकता है।
– 04 अगस्त यानि शनिवार को भी मौसम काफी हद तक मौसम शुक्रवार के ही समान रहेगा। यानि इस दौरान साफ़ आसमान दिखेगा।
मौसम विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी एके शर्मा के अनुसार आगामी 6 दिनों तक मौसम का यही हाल रहने की उम्मीद है, लेकिन इस दौरान यदि सिस्टम में कुछ परिवर्तन आया यानि सिस्टम ने जोर पकड़ा तो इस पूर्वानुमान में भी बदलाव संभव है।