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सड़क पर सियासत, सड़क पर सियासत के मायने क्या हैं, क्यों कांग्रेस सड़क पर कर रही है सिसायत ?

भोपाल। मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सड़कों का मुद्दा छाया हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता के बीच अपने बयान पर कायम रहते हुए कांग्रेस काल पर निशाना साध रहे हैं। सीएम का कहना है कि मध्य प्रदेश की सड़कें वाकई अमेरिका से अच्छी हैं, लेकिन दिग्विजय काल में तो सड़क ढूंढ़नी पड़ती थी।

वहीं गुना में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कभी मध्यप्रदेश पहुंचने का पता सड़कों के गड्ढों से चलता था, पेट का पानी हिलता था इसको लेकर पीसीसी चीफ कमलनाथ ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है सड़कों को लेकर कांग्रेस को कोस-कोस कर सत्ता में आई भाजपा के 15 वर्ष के शासनकाल में प्रदेश में सड़कों की स्थिति बदतर ,जर्जर व गड्ढेदार है। आज पेट का पानी नहीं पूरा शरीर ही हिलता है।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बयान पर कमलनाथ ने कहा प्रदेश से गुज़रने वाले 18 राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति बद से बदतर है। इन राजमार्गों की आधी से ज़्यादा 2700 किलोमीटर के क़रीब की लंबाई जर्जर स्थिति में है।

प्रदेश की कुल 61 हज़ार किलोमीटर सड़कों में से 15000 किलोमीटर के क़रीब सड़के जर्जर स्थिति में है। प्रदेश में पिछले 5 वर्षों में ख़राब सड़कों के कारण 3700 से ज़्यादा सड़क हादसे के मामले सामने आये है। इसके अलावा भी कमलनाथ लगातार सूबे के मुख्यमंत्री और बीजेपी सरकार को सड़कों के मुद्दें पर कई बार घेर चुके हैं..। 

कमलनाथ ने ये भी कहा है कि 2015 में देश में हुए 10876 हादसों में से 3070 अकेले मध्यप्रदेश में ही हुए। वहीं, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि आतंकी हमलों से ज़्यादा मौतें गड्ढों के कारण होने वाले हादसों से हो रही है । देश में क़रीब 30 लोग प्रतिदिन इसके कारण मौत के आग़ोश में समा रहे है।

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