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खेल शुरू कर कमलनाथ ने क्या मोल ले लिया है कोई बड़ा सियासी खतरा ?

भाजपा के दो विधायकों से पाला बदलवाकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने क्या बड़ा सियासी खतरा मोल ले लिया है ?  इस तरह की चर्चा अब मध्यप्रदेश के सियासी हलकों में है. एक मंझा हुआ खिलाड़ी या कुशल रणनीतिकार अपना खास दांव वक्त से पहले नहीं खेलता  लेकिन कमलनाथ सरकार ने जिस तरह बेवक्त पर अपनी ताकत और दांव को उजागर कर दिया है, उसने नए खतरे की संभावना को पैदा कर दिया है.
भाजपा के लिए यह अलार्म हो गया है और उसने डैमेज कंट्रोल की तैयारी शुरू कर दी है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने जिस तरह नाराजगी जताते हुए प्रदेश संगठन और आला नेताओं से रिपोर्ट तलब की है, उसने इस बात के संकेत दिेए हैं कि भाजपा ने काउंटर अटैक की तैयारियां शुरू कर दी हैं. सबसे पहले तो भाजपा अपने उन विधायकों की घेराबंदी कर रही है जिनकी निष्ठा संदेहास्पद है. साथ ही उन कांग्रेस विधायकों पर भी नजर है जो आए दिन कमलनाथ सरकार के खिलाफ बढ़-चढ़ कर बयान देते रहे हैं.राजनीतिक उत्साह दरअसल, पूरा घटनाक्रम राजनीति से ज्यादा उत्साह में आकर किए गए खेल से भरा दिखाई देता है. ऐसा खेल जिसमें जोश- जोश में कांग्रेस ने भाजपा की ओर से आए दिन मिल रही धमकियों का जवाब दे दिया. उस दिन न तो  भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था और न ही कोई फ्लोर टेस्ट जैसी बात थी. बावजूद इसके बसपा विधायक के कहने पर दंड विधि संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के दो विधायकों को अपने पाले में कर लिया.

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