मंथन न्यूज़ भोपाल –पीएमटी घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने कहा है कि काउंसलिंग के दौरान अच्छे से फोटो मिलान कर लिया जाता तो पीएमटी में इतनी बड़ी गड़बड़ी नहीं होती। इतनी बदनामी भी नहीं होती। पिछले हफ्ते स्क्रुटनी कमेटी के सदस्यों से पूछताछ के दौरान सीबीआई के एक बड़े अधिकारी ने यह बात कही। 2010 की पीएमटी के जरिए मुन्नाभाइयों की जांच के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की कुछ फैकल्टी को बुलाया गया था। ये उस साल की स्क्रुटनी कमेटी में मेंबर थे।
सीबीआई ने रीवा मेडिकल कॉलेज में पीएमटी 2010 बैच से दाखिला लेने वाले एक छात्र का फोटो दिखाकर स्क्रुटनी कमेटी के एक सदस्य से पूछा, आप लोगों ने काउंसलिंग में आने वाले उम्मीदवरों का फोटो अच्छे से मिलान क्यों नहीं किया। सीबीआई ने कहा कि परीक्षा में दूसरा उम्मीदवार बैठा, कॉलेज में पढ़ने के लिए दूसरा छात्र आया। हर चैनल पर सही तरीके से फोटो मिलान किया जाता तो गड़बड़ी पकड़ में आ सकती थी।
उधर, स्क्रुटनी कमेटी के सदस्यों का कहना है कि जो उम्मीदवार परीक्षा में बैठा (मुन्नाभाई) वही उम्मीदवार काउंसलिंग में भी आया, इसलिए उसे नहीं पकड़ा जा सका। उम्मीदवारों की फोटो भी साफ-साफ नहीं थी, इसलिए यह साफ नहीं हो पाया कि वही उम्मीदवार है या दूसरा। 2010 की स्क्रुटनी कमेटी में रहे एक सदस्य ने बताया कि कॉलेज में दाखिले के दौरान फोटो मिलान किया जाता तो गड़बड़ी आसानी से पकड़ी जा सकती थी। वजह, पढ़ाई के लिए मुन्नाभाई की जगह मूल उम्मीदवार आया।
क्या था मामला
2006 से लेकर 2012 तक पीएमटी परीक्षा में मूल उम्मीदवार की जगह मुन्नाभाइयों (स्कोरर) के परीक्षा में बैठने का मामला सामने आया था। कॉलेज स्तर पर फोटो मिलान और फोरेंसिक जांच में 315 संदिग्ध छात्र मिले थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर सुनवाई कर उन्हें 2015 में कॉलेजों से निकाल दिया गया था। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
पूनम पुरोहित
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