#राशि हूँ बेटी की #परिभाषा हूँ।
#पापा की मन चाही #अभिलाषा हूँ।।
आज घर में हूँ तो #माँ के लिए #पलाश(अवतरण) का पुष्प हूँ।
#चंद दिन बाद #पापा के लिए ##पलाश का रँग(विवाह स्मृति) हूँ।
#रक्षिता सिंह”राशि”
पोहरी में पुलिस अधीक्षक ने सुनी जनता की समस्याएं थाना परिसर में लगाया जनसुनवाई शिविर, …