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गुंडों को नेस्तनाबूत कर दो, कलेक्टर-एसपी को फ्री-हैंड : सीएम

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को फ्री-हैंड दे दिया। राजधानी में नर्मदा भवन में आयोजित कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार को कलेक्टर, आईजी, पुलिस अधीक्षक से उन्होंने कहा कि गुंडों को नेस्तनाबूत कर दो। यदि हम ठान लें तो कोई माई का लाल अवैध काम नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि हमें बेचारा कलेक्टर-एसपी नहीं चाहिए। गंधवानी, पेटलावद जैसी घटनाएं प्रदेश का माहौल बिगाड़ती हैं। इन्हें रोकने के लिए शांति समितियों की नियमित बैठकें की जाएं। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर को भोपाल के जम्बूरी मैदान में गरीब कल्याण एजेंडा घोषित किया जाएगा।
सुबह 10 बजे से देर शाम तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की बात सुनी और अपने तर्क रखे। अच्छा काम करने वाले भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, देवास, खंडवा, रतलाम, सिवनी के अधिकारियों की हौसला-अफजाई करते हुए मुख्यमंत्री ने खड़े होकर ताली बजाई।
प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ने पर हुई चर्चा में अधिकारियों ने बताया कि थाना स्तर पर सभी तरह के प्रकरण दर्ज होने से ग्राफ बढ़ता नजर आता है, इसके अनुपात में कार्रवाई भी बढ़ी है। महिला अत्याचार में प्रदेश के अव्वल होने पर उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्ती से रोक लगाई जाए। गुंडे कोई भी हों, कार्रवाई की जाए। इसमें किसी दबाव में न आएं, न किसी को संरक्षण दें।
गंधवानी और पेटलावद में साम्प्रदायिक तनाव की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शांति समिति के निर्देशों का पालन कर लिया जाता तो घटना नहीं होती। बैठक में गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह सहित ज्यादातर मंत्री, मुख्य सचिव अंटोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव गृह बीपी सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला सहित अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर-एसपी एक हो जाएं तो गुंडागर्दी नहीं चल सकती: रुस्तम सिंह
कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने कहा पुलिस के अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि कलेक्टर-एसपी एक हो जाएं, तो गुंडागर्दी नहीं चल सकती है। हर जिले में दोनों का नेटवर्क होता है।
कलेक्टर न सोचें कि कानून व्यवस्था हमारा काम नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर कलेक्टर मानते हैं कि कानून व्यवस्था पुलिस अधीक्षक की ही जिम्मेदारी है। अधिकारी ये न सोंचे। कमिश्नर-आईजी, कलेक्टर और एसपी महीने में एक बार सुरक्षा से लेकर इलाज तक के मामलों पर बैठक करें। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में सोशल मीडिया से कई घटनाएं हुई हैं। इनकी रोकथाम के लिए कदम उठाए जाएं।
shivraj singh chouhan11 26 10 2016
सर्जिकल स्ट्राइक जैसी रखें तैयारी
आंतरिक सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मिलिंद देउस्कर के प्रजेंटेश्न दिया। इसमें बताया गया कि नवरात्र और अन्य त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रही। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित अन्य जिलों ने बेहतर काम किया है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों पर अंकुश जरूरी है। आतंकी गतिविधियों से निपटने के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। हम इसको लेकर काम कर रहे हैं। जिस तरह सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई है, उसी तरह की कार्रवाई आतंकियों और अपराधियों से निपटने के लिए करनी होगी।
तीन माह में वीसी और छह माह में कॉन्फ्रेंस
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में विकास का 11 सूत्री एजेंडा दिया। इसमें सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, पांच साल में किसान की आय दोगुना करना, लघु-कुटीर उद्योगों को बढ़ाना, निवेश से समृद्धि, गुणवत्ता के साथ समय पर विकास कार्य, शिक्षा-स्वास्थ्य, पर्यटन को बढ़ावा, गरीब कल्याण एजेंडा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कुपोषण समाप्त करना तथा बेहतर कानून-व्यवस्था शामिल है। तीन माह बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस और 6 माह बाद कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में इसकी समीक्षा की जाएगी।
                                                                   पूनम पुरोहित 

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